वंदे मातरम के अपमान मामले में बढ़ी कांग्रेस विधायक की मुश्किलें, स्पीकर ने विशेषाधिकार समिति को दिए जांच के आदेश

गुजरात में वंदे मातरम के अपमान मामले में कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने विशेषाधिकार समिति को मामले की सख्त जांच के आदेश दिए हैं। स्पीकर ने कहा कि वंदे मातरम के दौरान सभी सदस्यों को खड़े रहने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इमरान खेड़ावाला बीच में बैठ गए। शंकर चौधरी ने कहा, ”उन्होंने घटना का CCTV फुटेज देखा, जिसमें खेड़ावाला के बीच में बैठने की पुष्टि हुई”। इसके बाद कांग्रेस विधायक के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए।

डिप्टी सीएम ने स्पीकर से की थी शिकायत

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाकर खेड़ावाला पर सदन और वंदे मातरम के अनादर का आरोप लगाया था। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि निर्वाचित विधायक से नियमों के पालन और सदन की गरिमा बनाए रखने की अधिक अपेक्षा होती है। अध्यक्ष ने खेड़ावाला के मीडिया बयान का भी जिक्र किया और कहा कि विधायक को अपना पक्ष सदन में रखना चाहिए था। शंकर चौधरी ने चेतावनी दी, भविष्य में ऐसी घटना दोहराए जाने पर सख्त कार्रवाई और सजा हो सकती है।

इमरान खेड़ावाला ने आरोपों का दिया जवाब

वंदे मातरम का अपमान करने के आरोपों पर कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने 9 सितंबर को कहा कि विधानसभा सत्र की शुरुआत वंदे मातरम गाकर हुई। सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्मा गांधी, मौलाना आज़ाद, बाबासाहेब अंबेडकर और रवींद्रनाथ टैगोर जैसी महान हस्तियों की विरासत का सम्मान करते हुए मैं राष्ट्रगीत के लिए खड़ा हुआ – जिन्होंने 1937 में इसे गाया था। मैंने खड़े होकर पूरा गीत गाया। हालांकि, मुझे उस तरीके पर आपत्ति थी जिससे बीजेपी ने इसमें नए पद जोड़कर इसे गाना शुरू किया है। राष्ट्रगीत के दौरान मैं बाहर नहीं गया। मैं बस अपनी सीट पर बैठ गया। बीजेपी का यह तरीका उन सम्मानित नेताओं का अपमान करता है जिन्होंने हमारे देश को आज़ादी दिलाई…”।

स्पीकर ने दी नसीहत

स्पीकर चौधरी ने कहा कि यह मुद्दा केवल किसी एक विधायक के व्यवहार का नहीं है, क्योंकि यह घटना राज्य विधानसभा के भीतर हुई। उन्होंने विधायकों द्वारा ली गई संवैधानिक शपथ और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े संसदीय नियमों और आचरण के मानकों का पालन करने की ज़रूरत का भी ज़िक्र किया। स्पीकर ने कहा कि जब संघवी ने ‘पॉइंट ऑफ़ ऑर्डर’ उठाया, तब खेड़ावाला सदन में मौजूद नहीं थे, इसलिए उन्होंने सदन के सामने अपना पक्ष रखने का मौका गंवा दिया। उन्होंने विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना ​​से जुड़े गुजरात विधानसभा नियमों के नियम 249 का ज़िक्र किया। उन्होंने सदस्यों के आचरण और व्यवस्था व मर्यादा बनाए रखने के लिए पीठासीन अधिकारी के अधिकार से जुड़े नियमों 51 और 52 का भी हवाला दिया। बता दें कि कांग्रेस को वंदे मातरम के सभी पद गाने को लेकर आपत्ति है। कांग्रेस शुरुआती के सिर्फ दो पद गाना चाहती है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने इसको लेकर एक आदेश भी जारी किया है।

(ANI इनपुट के साथ)

ये भी पढ़ेंः उमर अब्दुल्ला ने गाया वंदे मातरम् तो क्यों तिलमिलाई कांग्रेस? सामने आया केसी वेणुगोपाल का बयान



https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/09/pitai-4-1789132727.jpg

vatsalyanews
Author: vatsalyanews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!