अमिताभ बच्चन अयोध्या में पिता की याद को देंगे नया पता, 15 करोड़ की जमीन पर बनाएंगे मेमोरियल धर्मशाला

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का अयोध्या से जुड़ाव अब एक और खास पहल के साथ सामने आया है। अभिनेता अपने दिवंगत पिता और मशहूर हिंदी कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में अयोध्या में एक मेमोरियल धर्मशाला बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण यानी ADA में बिल्डिंग के नक्शे की मंजूरी के लिए आवेदन किया गया है। प्रस्तावित धर्मशाला में 20 से अधिक कमरे होंगे और इसका इस्तेमाल अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए किया जा सकेगा।

15 करोड़ की जमीन पर बनेगी धर्मशाला

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में करीब 15 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी थी। यह जमीन दशरथ पथ के किनारे ‘द सरयू’ प्रोजेक्ट में स्थित है। अब इसी जमीन पर पिता हरिवंश राय बच्चन की याद में प्रस्तावित धर्मशाला का निर्माण किया जाना है। इमारत में 20 से ज्यादा कमरे रखने की योजना है, जिससे धार्मिक नगरी में आने वाले लोगों को ठहरने की सुविधा मिल सके।

ADA ने मांगी लोगों से आपत्तियां

धर्मशाला का निर्माण अभी अंतिम मंजूरी के चरण में है। अयोध्या विकास प्राधिकरण ने प्रस्तावित नक्शे को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। इसमें लोगों से 15 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने को कहा गया है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राधिकरण नियमानुसार नक्शे पर आगे की कार्रवाई करेगा। ADA के उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने भी अमिताभ बच्चन की ओर से आवेदन मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 20 से अधिक कमरों वाली धर्मशाला के नक्शे का प्रस्ताव फिलहाल सार्वजनिक आपत्तियों के लिए खुला है। औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे मंजूरी दी जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद अक्टूबर में निर्माण शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।

श्रद्धालुओं को मिलेगी ठहरने की सुविधा

प्रस्तावित धर्मशाला को सिर्फ स्मारक के तौर पर ही नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भी ठहरने की सुविधा मिल सकती है। ADA के अधिकारी के मुताबिक, इस तरह की परियोजनाएं शहर में आने वाले लोगों के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। अयोध्या में लगातार बढ़ती धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के बीच श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की सुविधाओं का विस्तार भी शहर के विकास का एक हिस्सा है। ऐसे में अमिताभ बच्चन की प्रस्तावित धर्मशाला को उनके पिता की स्मृति से जोड़कर देखा जा रहा है।

कौन थे हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन?

अमिताभ बच्चन के पिता डॉ हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों और अनुवादकों में शामिल रहे हैं। साहित्य जगत में उनकी पहचान खास तौर पर उनकी चर्चित कृति ‘मधुशाला’ से है, जिसका प्रकाशन 1935 में हुआ था। उन्हें साहित्य में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। हरिवंश राय बच्चन ने अंग्रेजी साहित्य की कई महत्वपूर्ण कृतियों का हिंदी में अनुवाद भी किया। इनमें विलियम शेक्सपियर के नाटकों के अनुवाद प्रमुख हैं। ऐसे में उनके नाम पर अयोध्या में स्मारक धर्मशाला बनाने की योजना उनके साहित्यिक योगदान को याद करने का एक माध्यम भी बन सकती है। अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन भी सामाजिक कार्यों और रंगमंच से जुड़ी रही थीं। उन्होंने थिएटर में काम किया और बाद में फिल्म फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की निदेशक के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इस तरह बच्चन परिवार की पृष्ठभूमि साहित्य, कला और सामाजिक गतिविधियों से गहराई से जुड़ी रही है।

‘KBC 18’ में नजर आ रहे हैं अमिताभ

वर्कफ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन फिलहाल टेलीविजन के लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ को होस्ट कर रहे हैं। शो के शुरुआती एपिसोड में आमिर खान, सनी देओल और प्रीति जिंटा भी नजर आए थे। फिल्मों की बात करें तो अमिताभ बच्चन पिछली बार रजनीकांत की 2024 में रिलीज हुई तमिल फिल्म ‘वेट्टैयन’ में दिखाई दिए थे। इसके अलावा वह नाग अश्विन की साइंस-फिक्शन फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ का भी हिस्सा रहे हैं। अब वह ‘कल्कि 2898 एडी: पार्ट 2’ में प्रभास और कमल हासन के साथ फिर नजर आएंगे। इसकी शूटिंग भी एक्टर ने कर ली है।

रिपोर्ट- अरविंद गुप्ता

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