सितंबर का महीना आधा बीत चुका है और अब मौसम ने भी करवट लेना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम के वक्त बिल्कुल हल्की सी ठंड महसूस होने लगी है। बदलते मौसम में लोगों का मन कुछ मसालेदार और चटपटा खाने का करता है। लेकिन लोगों को समझ नहीं आता कि क्या खाया जाए। अगर आप भी कुछ ऑप्शन ढूंढ रहे हैं तो गरमा-गरम मसालेदार मक्के के आटे और आलू की पूड़ी से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता। मक्के के आटे का देसी स्वाद और उबले आलू की सॉफ्टनेस जब भारतीय मसालों के साथ मिलती है, तो इसका स्वाद हर किसी को पसंद जाता है। मक्के का आटा आमतौर पर बेलने में थोड़ा टूटता है, लेकिन इसमें उबला हुआ आलू मिलाने से आटे में बढ़िया बाइंडिंग आ जाती है, जिससे पूड़ियां एकदम फूली-फूली और खस्ता बनती हैं। चलिए जानते हैं इसकी रेसिपी।
सामग्री
- मक्के का आटा: 2 कप
- उबले हुए आलू: 3 बड़े (कद्दूकस किए हुए)
- गेहूं का आटा: 2 बड़े चम्मच
- हरी मिर्च
- अदरक: 1 इंच का टुकड़ा
- हरा धनिया: बारीक कटा हुआ
- अजवाइन: 1/2 छोटा चम्मच
- कस्तूरी मेथी: 1 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर: 1/4 छोटा चम्मच
- चाट मसाला या अमचूर: 1/2 छोटा चम्मच
- तेल/घी: मोयन के लिए 1 चम्मच और तलने के लिए आवश्यकतानुसार
- नमक: स्वादानुसार
बनाने का तरीका
स्टेप 1: एक बड़े बर्तन में मक्के का आटा लें। इसमें कद्दूकस किए आलू, गेहूं का आटा, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, अजवाइन, कसूरी मेथी और सभी सूखे मसाले डालें।
स्टेप 2: सभी सामग्रियों को पहले सूखा ही अच्छी तरह मिला लें ताकि आलू और मसाले आटे में घुल-मिल जाएं। आलू की नमी से आटा गुंधने लगेगा। यदि जरूरत लगे, तो थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालकर एक सख्त डो तैयार कर लें। ध्यान रखें कि आटा ज्यादा नरम न हो। आटे पर थोड़ा सा तेल लगाकर 10 मिनट के लिए ढककर रख दें।
स्टेप 3: आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। मक्के का आटा होने के कारण इसे बेलते समय चकले पर थोड़ा सा तेल या सूखा गेहूं का आटा लगाएं। इसे हल्के हाथों से थोड़ा मोटा बेलें, ज्यादा पतला करने पर पूड़ी फट सकती है।
स्टेप 4: कढ़ाई में तेल को मध्यम-तेज आंच पर गरम करें। जब तेल अच्छा गरम हो जाए, तो पूड़ी को तेल में डालें। कलछी से हल्का सा दबाते हुए पूड़ी को फुलाएं और दोनों तरफ से सुनहरा व कुरकुरा होने तक तल लें। फिर इसे किसी पेपर पर निकलें। जब इसका तेल पेपर सोख ले, तो इसका आलू की सब्जी के साथ आनंद लें।








