भरूच जिले के झगड़िया तालुका में राजपारडी मुकाम में सड़क बनाने के काम में एक नई पहल की गई है। ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सड़क को और ज़्यादा सस्टेनेबल बनाने की कोशिश की गई है। राजपारडी के पास करीब 5.275 किलोमीटर एरिया में डामर रोड बनाने का काम चल रहा है। टेंडर डिटेल्स के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में मॉडर्न तरीके अपनाए गए हैं। सबसे पहले SS-1 से प्राइम कोट किया गया है। फिर उस पर खास सफेद रंग का जियो-टेक्सटाइल मटीरियल बिछाया गया है। यह जियो-टेक्सटाइल मटीरियल एक सेपरेशन लेयर की तरह काम करता है, जो डामर लेयर को मजबूत बनाता है और उसे फिसलने से रोकता है। फिर एक टैक कोट और 60 mm DBM (डेंस बिटुमिनस मैकाडम) लेयर लगाई जाएगी। आखिरी स्टेज में, उस पर 40 mm BC (बिटुमिनस कंक्रीट) लेयर बिछाई जाएगी।
क्या यह सड़क भारी गाड़ियों का सामना कर पाएगी?
राजपारडी रोड पर लगातार भारी गाड़ियों की आवाजाही रहती है। मानसून में बारिश के कारण सड़क का बेस अक्सर खराब हो जाता था। लेकिन, इस ग्रीन टेक्नोलॉजी और जियोटेक्सटाइल मटीरियल के इस्तेमाल से सड़क को और मजबूती मिलेगी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस टेक्नोलॉजी से सड़क की ड्यूरेबिलिटी बढ़ेगी और यह भारी गाड़ियों का लोड आसानी से झेल पाएगी। उम्मीद है कि ग्रीन टेक्नोलॉजी के इस एक्सपेरिमेंट से आने वाले समय में सड़कों की क्वालिटी में काफी सुधार देखने को मिलेगा, क्या यह सड़क सच में भारी गाड़ियों का लोड झेल पाएगी?








