गुजरात में कागज़ पर शराबबंदी के दावों पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन मोरबी के पास 8-A नेशनल हाईवे पर हुई एक घटना ने शराबबंदी की असलियत सामने ला दी है। मशहूर ‘द फर्न’ होटल के पास से गुज़र रही देसी शराब से भरी एक कार का एक्सीडेंट हो गया और वह हाईवे पर पलट गई।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जैसे ही कार पलटी, सड़क पर बड़ी मात्रा में देसी शराब की थैलियां और शराब बिखर गई। घटना होते ही लोगों की भीड़ जमा हो गई। जब पता चला कि कार में भारी मात्रा में देसी शराब थी, तो यह इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
भावनगर में ज़हरीली शराब (लठ्ठा) कांड जैसी गंभीर घटनाओं के बावजूद, पुलिस और प्रशासन शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के बड़े-बड़े दावे करते रहे हैं। लेकिन हाईवे जैसी व्यस्त सड़कों पर देसी शराब से भरी कारों का खुलेआम गुज़रना और एक्सीडेंट के बाद ही इस मामले का सामने आना यह दिखाता है कि मोरबी में शराब तस्कर बेखौफ हो गए हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है और यह सवाल उठ रहा है कि क्या राज्य में शराबबंदी सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रह गई है?










