असरदार घरेलू उपाय है कलौंजी, डॉक्टर ने बताया किन समस्याओं में करती है बेहतरीन काम, कैसे करें इस्तेमाल

कलौंजी भले ही एक छोटा सा मसाला हो, लेकिन सेहत पर इसका असर जबरदस्त होता है। मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाने और शरीर में सूजन को कम करने से लेकर पेट, स्किन और हार्मोनल हेल्थ को सुधारने में भी कलौंजी मदद करती हैं। ये बहुत पुराना नुस्खा है जो आज भी मॉडर्न वेलनेस में अपनी अहम भूमिका निभाता है। जाने माने डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने कलौंजी के फायदों के बारे में बताते हुए इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है। 

कलौंजी इस्तेमाल करने का तरीका

खाने के बाद- शरीर को अंदर से फायदा पहुंचाने के लिए रोजाना खाने के बाद करीब आधा से 1 चम्मच कलौंजी लिया जा सकता है। इसे मेटाबॉलिज्म तेज और शरीर में होने वाली सूजन को कम किया जा सकता है।

शहद के साथ- सुबह थोड़ी मात्रा में कलौंजी को रॉ हनी के साथ मिलाकर लिया जा सकता है। यह पाचन को बेहतर रखने और इम्यूनिटी को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है।

गुनगुने पानी में- आप कलौंजी को गुनगुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं। इस तरह से कलौंजी का सेवन करना आसान होता है और खाने के बाद इसे लेने से पाचन में सुधार लाने में मदद मिल सकती है।

त्वचा पर लगाएं – मुंहासे या सूजन वाली जगह पर कलौंजी लगाने से पहले इसे नारियल या बादाम जैसे किसी कैरियर ऑयल में मिलाकर पतला करें। सीधे त्वचा पर लगाने से जलन हो सकती है, इसलिए पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है।

स्कैल्प और बालों के लिए- स्कैल्प की देखभाल के लिए कलौंजी को किसी तेल के साथ मिलाकर हल्के हाथों से मसाज की जा सकती है। इससे स्कैल्प को पोषण देने और सूजन या रूखेपन को कम करने में मदद मिल सकती है।

कलौंजी के फायदे 

मेटाबॉलिक हेल्थ- माना जाता है कि कलौंजी में मौजूद कुछ एक्टिव तत्व शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी और ब्लड शुगर मैनेजमेंट को सपोर्ट कर सकते हैं। हालांकि, इसे डायबिटीज की दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस- इसमें थाइमोक्विनोन नाम का एक प्रमुख कंपाउंड पाया जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए गए हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

इम्यून सिस्टम को सपोर्ट- कलौंजी का इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने के लिए किया जाता रहा है। कुछ रिसर्च में भी इसके इम्यून-मॉड्यूलेटिंग प्रभावों का अध्ययन किया गया है।

पेट और पाचन की सेहत- पुराने समय में कलौंजी का इस्तेमाल गैस, पेट फूलने और पाचन से जुड़ी परेशानियों में किया जाता रहा है। कुछ लोगों को इसे लेने से पाचन बेहतर महसूस हो सकता है।

हार्मोनल हेल्थ- महिलाओं में PCOS और एंड्रोजन हार्मोन से जुड़े मामलों में भी कलौंजी के फायदों पर कई रिसर्च हुए हैं। हालांकि, इसके प्रभावों को लेकर अभी और मजबूत वैज्ञानिक प्रमाणों की जरूरत है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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Author: vatsalyanews

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