महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम! मुंबई को मिली साइबर सुरक्षा की नई ढाल, तीन आधुनिक ‘निर्भया साइबर लैब्स’ का शुभारंभ – maharashtra governments big step mumbai gets a new shield of cyber security

Cyber Crime: मुंबई में बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण पाने और आम जनता को डिजिटल सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है । इस प्रणाली को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने निर्भया साइबर लैब शुरू किये हैं। मुंबई में कुल पांच साइबर प्रयोगशालाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें से तीन अब चालू हो चुकी हैं। इन लैब्स के माध्यम से खासकर महिलाओं के खिलाफ साइबर माध्यम से होने वाले अपराधों को कम समय में सुलझाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के डी. बी. नगर, वर्ली, और गोवंडी पुलिस स्टेशन में निर्भया साइबर लैब का उद्घाटन किया। ये लैब्स विश्व स्तर की आधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं। इनके माध्यम से ऑनलाइन मनी लॉन्ड्रिंग, बैंक अकाउंट हैकिंग जैसे आर्थिक साइबर अपराधों पर भी नियंत्रण पाया जाएगा। यदि कोई अपराधी साक्ष्य छुपाने के लिए मोबाइल फोन को तोड़ देता है या डाटा डिलीट कर देता है, तब भी ये लैब्स अत्याधुनिक कंप्यूटर प्रणाली की मदद से सभी डाटा को रिकवर कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में साइबर अपराध को रोकना और अपराधियों को पकड़ना सबसे बड़ी चुनौती होगी। इस चुनौती का सामना करने के लिए मुंबई पुलिस पूरी तरह से तैयार है। महाराष्ट्र साइबर अपराध नियंत्रण में पहले स्थान पर है और मुंबई पुलिस की क्षमता इस दिशा में काफी मजबूत है। एक मामले में मुंबई पुलिस ने 12 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी रोकने में सफलता पाई है। भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए तीन आधुनिक साइबर लैब्स की स्थापना की गई है, जिनका आज उद्घाटन हुआ। डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में पढ़े-लिखे लोग भी ठगी का शिकार हो रहे हैं, इस पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने जन जागृति की आवश्यकता बताई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए तीन भारतीय कानून वास्तव में भारतीय सोच के अनुसार बनाए गए हैं। इनसे गुनाह दर्ज करना, सबूत एकत्र करना और तकनीकी माध्यम से जांच करना और भी आसान होगा। महिलाओं की मदद के लिए महिला व बाल सहाय्यता कक्ष सभी थानों में बनाए गए हैं, जिससे महिलाएं बिना किसी डर के अपराध दर्ज करा सकें। अब अलग से महिला पुलिस स्टेशन बनाने की बजाय, हर पुलिस स्टेशन में महिला अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त किए जा रहे हैं ताकि पुलिसिंग अधिक महिला केंद्रित बन सके।

मुंबई साइबर अपराधियों के निशाने में हमेशा रहती है। दुबई और कंबोडिया में बैठे साइबर ठग अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। 2024 में ठगों ने मुंबईकरों के 1,200 करोड़ रुपये ठगे थे, इसमें में सिर्फ 150 करोड़ रुपये ही रिकवर कर पाई पुलिस 2023 में 262 करोड़ रुपये की ठगी में 1.58 करोड रुपये ही रिकवर कर पाई । 2022 में 32.35 करोड़ रुपये की ठगी दर्ज की गई थी।  तीन वर्षों में कुल मिलाकर 1500 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी हो चुकी है। जानकारों का मानना है कि साइबर ठगी के आधे मामले ही पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज होते हैं लोग शर्म बस पुलिस के पास जाते ही नहीं है क्योंकि लोगों को लगता है अब कुछ होने वाला नहीं है। आधुनिक तकनीक से अपराधियों पर नकेल लगेगी तो लोगों का पुलिस पर भरोसा भी बढ़ेगा।


First Published – April 7, 2025 | 9:52 PM IST



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Author: vatsalyanews

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