भारतीय सिनेमा जगत में लंबे समय से यह धारणा बनी हुई थी कि किसी फिल्म को सुपरहिट कराने के लिए करोड़ों का बजट, भारी-भरकम विजुअल इफेक्ट्स और किसी स्थापित सुपरस्टार का चेहरा बेहद जरूरी है। हालांकि, दर्शकों की बदलती पसंद ने इस पारंपरिक सोच को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हाल के वर्षों में ऐसी कई कम लागत वाली फिल्में सामने आई हैं, जिन्होंने बिना किसी बड़े प्रमोशन और नामचीन स्टार्स के केवल अपनी मजबूत पटकथा और बेहतरीन निर्देशन के दम पर बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए आयाम गढ़े हैं। इससे साफ होता है कि दर्शक अब बड़े नामों से ज्यादा कहानी की मौलिकता और विषय-वस्तु की ईमानदारी को तरजीह दे रहे हैं। आइए नजर डालते हैं ऐसी ही कुछ चुनिंदा फिल्मों पर, जिन्होंने बेहद सीमित बजट में तैयार होकर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।
हनुमान अंश
हालिया दौर में रिलीज हुई भक्तिपूर्ण फिल्म ‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर एक अप्रत्याशित सफलता बनकर उभरी है। संत नीम करोली बाबा के जीवन और उनके प्रसंगों पर आधारित इस फिल्म का निर्माण महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में हुआ था। शुरुआती दिनों में बहुत ही शांत शुरुआत मिलने के बावजूद दर्शकों के वर्ड-ऑफ-माउथ के बल पर फिल्म की रफ्तार लगातार बढ़ती गई और इसने देश भर में 70 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया। विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में बॉलीवुड का कोई बड़ा चेहरा शामिल नहीं था। मुख्य भूमिका में अभिनेता शोभिनव सत्या द्वारा निभाई गई सहज और प्रभावशाली भूमिका ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। बड़े पैमाने पर मार्केटिंग न होने के बाद भी फिल्म की सादगी और आध्यात्मिक भाव ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी हिट बना दिया। अब मेकर्स ने इसके सीक्वल की घोषणा कर दी है।
महावतार नरसिम्हा
पौराणिक आख्यानों पर आधारित एनीमेशन फिल्म ‘महावतार नरसिम्हा’ ने भारतीय सिनेमा के एनीमेशन क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। अश्विन कुमार के निर्देशन में बनी यह फिल्म ‘महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स’ की शुरुआती कड़ियों में से एक है, जो भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों की कथाओं को दर्शाती है। करीब 20 करोड़ रुपये के बजट में तैयार इस एनीमेटेड एक्शन फिल्म को किसी बड़े स्टार के वॉयस-ओवर या भारी प्रचार के बिना रिलीज किया गया था। अपनी आकर्षक विजुअल शैली, सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत पटकथा की बदौलत इस फिल्म ने वैश्विक स्तर पर 300 करोड़ रुपये से अधिक का विशाल कलेक्शन दर्ज किया।
कांतारा
ऋषभ शेट्टी के निर्देशन और अभिनय से सजी फिल्म ‘कांतारा’ भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और आश्चर्यजनक सफलताओं में गिनी जाती है। मात्र 16 करोड़ रुपये के बजट में निर्मित इस कन्नड़ फिल्म में तटीय कर्नाटक की लोक-संस्कृति और पारंपरिक देवकोला उत्सव को बेहद जीवंत रूप में पेश किया गया था। फिल्म ने देश में 400 करोड़ रुपये से अधिक और दुनिया भर में 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकॉर्ड कमाई कर सभी को चौंका दिया। इस फिल्म की सफलता ने ऋषभ शेट्टी को एक प्रमुख पैन-इंडिया चेहरा बना दिया। इसके बाद आई इसकी अगली कड़ी ‘कांतारा: चैप्टर 1’ ने भी इस लोकप्रिय ट्रेंड को जारी रखते हुए दुनिया भर में 850 करोड़ रुपये से अधिक का शानदार कारोबार किया।
देऊळ बंद 2
मराठी सिनेमा में बनी फिल्म ‘देऊळ बंद 2’ ने सीमित संसाधनों के बावजूद कमाई के मामले में नए मानदंड तय किए हैं। निर्देशक प्रवीण तरडे द्वारा लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत में बनाई गई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद अपने प्रदर्शन से सबको हैरान कर दिया। बिना किसी भारी प्रचार और सीमित स्क्रीन काउंट के बावजूद, फिल्म ने केवल अपने विषय और मजबूत संवादों के दम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन हासिल किया। किसी क्षेत्रीय भाषा की फिल्म के लिए इतने कम बजट में यह मुकाम हासिल करना एक दुर्लभ उपलब्धि माना जाता है।
तुंबाड
राही अनिल बर्वे और आनंद गांधी द्वारा निर्देशित हॉरर-फॉल्कलोर फिल्म ‘तुंबाड’ भारतीय फिल्म इतिहास का एक अनोखा उदाहरण है। साल 2018 में तकरीबन 5 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म अपनी पहली थिएट्रिकल रिलीज के दौरान व्यावसायिक रूप से खास कमाल नहीं दिखा पाई थी। हालांकि साल 2024 में जब इसे सिनेमाघरों में दोबारा री-रिलीज किया गया तो दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया। सोहम शाह के मुख्य अभिनय और निर्माण वाली इस फिल्म ने अपनी री-रिलीज में 40 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर खुद को ब्लॉकबस्टर साबित किया। इस असाधारण सफलता के बाद ही निर्माताओं ने सीक्वल की आधिकारिक घोषणा भी की है।








