आजकल फिटनेस फ्रीक लोग अपनी डाइट में एवोकाडो को शामिल कर रहे हैं। अपनी क्रीमी बनावट और बेहतरीन स्वाद की वजह से इसे नाश्ते से लेकर सलाद तक में खूब पसंद किया जा रहा है। इस फल को ‘न्यूट्रिशन का पावरहाउस कहा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस फल को ‘न्यूट्रिशन का पावरहाउस’ या ‘सुपरफूड’ क्यों कहा जाता है? जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट डॉक्टर शुभम वत्स के अनुसार, यह फल सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं है, बल्कि पोषक तत्वों का ऐसा खजाना है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई बीमारियों से बचाता है।
पोषक तत्वों का खजाना
डॉक्टर शुभम वत्स बताते हैं कि एवोकाडो किसी भी सामान्य फल से बिल्कुल अलग है। जहां ज्यादातर फलों में कार्बोहाइड्रेट या नेचुरल शुगर की मात्रा अधिक होती है, वहीं एवोकाडो ‘हेल्दी फैट्स’ का सबसे बेहतरीन स्रोत है। इसमें लगभग 20 अलग-अलग तरह के विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से विटामिन K, विटामिन E, विटामिन C, फोलेट और भरपूर फाइबर होता है। इसके अलावा एवोकाडो पोटेशियम का भी बेहतरीन सोर्स है।
हार्ट हेल्थ के लिए
डॉ. वत्स के अनुसार, एवोकाडो में ओलिक एसिड नामक मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड होता है। यह तत्व शरीर में सूजन को कम करता है और ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ को घटाकर ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ को बढ़ाता है। इसके नियमित सेवन से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी दिल की बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है।
वजन कंट्रोल करने में मददगार
अक्सर लोग सोचते हैं कि फैट होने के कारण एवोकाडो वजन बढ़ाएगा, लेकिन डॉ. शुभम इसके विपरीत बताते हैं। इसमें उच्च मात्रा में घुलनशील और अघुलनशील फाइबर होता है। इसे खाने के बाद लंबे समय तक आपका पेट भरा रहता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बचते हैं और वजन आसानी से कंट्रोल होता है।
आंखों के लिए
इस सुपरफूड में ल्यूटिनऔर ज़ेक्सैन्थिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। डॉ. वत्स बताते हैं कि ये तत्व मोतियाबिंद और बढ़ती उम्र से जुड़ी आंखों की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम कर देते हैं।









