शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना एक गंभीर समस्या है, जो आगे चलकर जोड़ों के भयंकर दर्द, गाउट और किडनी स्टोन का कारण बन सकती है। ऐसे में इसे समय रहते कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो यूरिक एसिड के मरीजों को अपने खान-पान का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। ऐसे में जाने-माने विशेषज्ञ डॉ. शुभम वत्स ने यूरिक एसिड को कंट्रोल करने का सबसे प्रभावी तरीके के बारे में बताया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया है कि हाई यूरिक एसिड होने पर किन चीजों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
1. रेड मीट और ऑर्गन मीट
मटन, बीफ, पोर्क और ऑर्गन मीट जैसे लिवर या किडनी में प्यूरीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इनका सेवन ब्लड में यूरिक एसिड के लेवल को अचानक बढ़ा देता है, जिससे पैरों के अंगूठे और जोड़ों में तेज दर्द हो सकता है।
2. सी-फूड
झींगा, केकड़ा, सार्डिन, मैकेरल और एंकोवी जैसी मछलियां यूरिक एसिड के मरीजों के लिए जहर के समान काम करती हैं। इनमें प्यूरीन का स्तर बहुत हाई होता है, इसलिए इनसे पूरी तरह दूरी बनाएं।
3. शराब और बीयर
बीयर में यीस्ट और प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। शराब का सेवन किडनी की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, जिससे किडनी यूरिक एसिड को पेशाब के रास्ते बाहर नहीं निकाल पाती।
3. हाई-फ्रक्टोज और पैकेज्ड ड्रिंक्स
कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक्स और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों में ‘हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप’ होता है। फ्रक्टोज शरीर में सेल्स के टूटने की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे यूरिक एसिड तेजी से बनता है।
5. छिलके वाली दालें और कुछ सब्जियां
वैसे तो दालें सेहतमंद होती हैं, लेकिन यूरिक एसिड बढ़ा होने पर उड़द, चना और राजमा जैसी दालों से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा पालक, मशरूम, फूलगोभी और कटहल में भी थोड़ी मात्रा में प्यूरीन होता है, जिन्हें सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
6. बेकरी प्रोडक्ट्स और रिफाइंड कार्ब्स
मैदा, बिस्कुट, केक और सफेद ब्रेड इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाते हैं, जिससे शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)








