‘लाल किले से दे दी होम्योपैथिक गोली’, पीएम मोदी ने किसे बता दिया नाराज फूफा?

दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में शिरकत करने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…आज का मौका श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के लिए बहुत ऐतिहासिक है। यह देश के शिक्षा क्षेत्र के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। SRCC का हिस्सा रही कई पीढ़ियां यहां एक साथ आई हैं। मैं आप सभी को SRCC के शताब्दी समारोह पर बधाई देता हूं।” इसके बाद पीएम ने विपक्ष पर करारा हमला बोला। विपक्षी पार्टियों को पीएम मोदी ने नाराज फूफा बता दिया और कहा, ये लोग हर अच्छे काम में अड़ंगा लगाते हैं। पूछते रहते हैं-इसकी क्या जरूरत थी, उसकी क्या जरूरत थी, वैसे ही जैसे शादी में नाराज फूफा सवाल करते रहते हैं।

पीएम मोदी के भाषण के बड़ी बातें…

  • मैं गिलास को आधा नहीं, पूरा भरा हुआ देखता हूं- आधा पानी से, आधा हवा से। प्रधानमंत्री मोदी ने याद किया अपना पुराना उदाहरण, जब देश को निराशा से निकालकर आशा और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया था।
  • 2013 में ग्रोथ फर्श पर थी और महंगाई अर्श पर।’ प्रधानमंत्री ने 2013 के दौर की सुर्खियों को याद करते हुए युवाओं से उस समय की परिस्थितियों को समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि उस दौर की आर्थिक चुनौतियां और देश की स्थिति आज की पीढ़ी के लिए जानना जरूरी है।
  •  प्रधानमंत्री ने 2013 से आज तक के भारत के बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा आज आतंकवाद के खिलाफ भारत निर्णायक कार्रवाई करता है, जम्मू-कश्मीर से नॉर्थ ईस्ट तक शांति बढ़ी है और नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है। ‘तब भारत को Fragile Five कहा जाता था, आज दुनिया भारत को Fastest Growing Major Economy के रूप में देख रही है।’
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में कहा, “मैं जानता हूं, सच की हुंकार के आगे झूठ की गूंज टिक नहीं सकेगी।”
  • उन्होंने कहा, “ये मोदी है. जो ‘माई-बाप’ कल्चर के हिमायती हैं, उनके सामने चट्टान बनकर खड़ा है। मेरे अंदर हिम्मत है, इसलिए उस दिन जो कहा था, आज उसकी याद भी दिला रहा हूं। मैं अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर आपके सामने आया हूं।”
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को “दिमागी नक्सल” कहे जाने वाले लोगों पर अपना हमला तेज़ करते हुए कहा कि देश उन लोगों पर नज़र रख रहा है, जिन्होंने यह शब्द अपनाया है और जो एक खास एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं। पहले इस्तेमाल किए गए इस शब्द का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैंने आज़ादी के दिन ‘दिमागी नक्सल’ शब्द गढ़ा था। दिमागी नक्सल एजेंडे को मंच दे रहे हैं।” 
  • होम्योपैथिक दवा का ज़िक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब ऐसी दवा दी जाती है, तो शुरू में बीमारी के लक्षण ज़्यादा साफ़ तौर पर दिख सकते हैं। इसी बात से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में “दिमागी नक्सल” शब्द का इस्तेमाल किया, तो जिन लोगों की ओर उनका इशारा था, वे खुलकर सामने आ गए।

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Author: vatsalyanews

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