चौथी तिमाही में निफ्टी-50 कंपनियों की आय पर दबाव के आसार – pressure on the income of nifty 50 companies in the fourth quarter

ब्रोकरों के अनुसार वित्त वर्ष 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही में निफ्टी-50 कंपनियों के संयुक्त शुद्ध लाभ में गिरावट आने की आशंका है।
विभिन्न अनुमानों में कहा गया है कि यह गिरावट 1.9 फीसदी पर रहने का अनुमान है, जो सितंबर 2022 तिमाही के बाद से सूचकांक कंपनियों के लिए इस तरह का पहला बड़ा दबाव है। सितंबर 2022 की तिमाही के दौरान निफ्टी कंपनियों की संयुक्त आय 6 प्रतिशत घट गई थी।
तुलनात्मक तौर पर, सूचकांक कंपनियों का संयुक्त शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 18.1 फीसदी तक बढ़ा था और वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में इसमें सालाना आधार पर 4.9 फीसदी इजाफा हुआ था।

यह दबाव मुख्य तौर पर बैंकों और निर्माताओं के लिए मार्जिन में कमी और राजस्व वृद्धि में अधिक कमजोरी की वजह से देखा जा सकता है।
50 कंपनियों की शुद्ध बिक्री (बैंक और गैर-बैंक ऋणदाताओं के मामले में शुद्ध ब्याज आय) एक साल पहले के मुकाबले 5.6 फीसदी बढ़ने का अनुमान है, जो पिछली 14 तिमाहियों में सबसे धीमी रफ्तार वाली वृद्धि होगी। वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में इनकी संयुक्त शुद्ध बिक्री एक साल पहले के मुकाबले 8.9 फीसदी तक बढ़ी और वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में इसमें 6.3 फीसदी तक का इजाफा दर्ज किया गया था। यह विश्लेषण वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के लिए निफ्टी-50 कंपनियों के तिमाही राजस्व और आय अनुमानों पर आधारित है। संपूर्ण आंकड़ों में ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के आंकड़े शामिल हैं। ये कंपनियां 31 मार्च तक सूचकांक में शामिल थीं लेकिन बाद में इनकी जगह जोमैटो और जियो फाइनैंशियल सर्विसेज ने ले ली, जिनके परिणामों की गणना नहीं की गई है।

आय में मंदी की वजह बैंक, वाहन कंपनियां और उपभोक्ता वस्तु तथा तेल एवं गैस कंपनियां हो सकती हैं। ब्रोकरेज के अनुमान के अनुसार, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, बीपीसीएल, ट्रेंट और भारतीय स्टेट बैंक चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ के मोर्चे पर पिछड़ सकती हैं। इसके विपरीत, भारती एयरटेल जैसी दूरसंचार कंपनियों और खनन एवं धातु कंपनियों हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील और जीवन बीमा कंपनियों एचडीएफसी लाइफ तथा बजाज फिनसर्व आय के चार्ट पर ऊपर रह सकती हैं और चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ में मजबूत दो अंक की वृद्धि दर्ज कर सकती हैं।

राजस्व के मोर्चे पर, ब्रोकरों का मानना है कि इंडसइंड बैंक, बीपीसीएल, मारुति सुजूकी, ओएनजीसी और टाटा स्टील की चौथी तिमाही में शुद्ध बिक्री सालाना आधार पर कमजोर पड़ सकती है। दूसरी तरफ, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ट्रेंट, भारती एयरटेल, ग्रासिम इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनैंस वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर शुद्ध बिक्री में दो अंक की वृद्धि के साथ राजस्व के चार्ट पर शीर्ष पर रह सकती हैं।

बैंकों, वित्तीय सेवा एवं बीमा (बीएफएसआई) के अलावा इंडेक्स कंपनियों के संयुक्त शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। इन कंपनियों की संयुक्त शुद्ध बिक्री में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है, जो करीब 14 तिमाहियों में सबसे कम है।
बीएफएसआई और तेल एवं गैस के अलावा सूचकांक कंपनियों के संयुक्त शुद्ध मुनाफे में मात्र 3.1 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो पिछली नौ तिमाहियों में सबसे कम है।


First Published – April 13, 2025 | 10:54 PM IST



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Author: vatsalyanews

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