आयोडीन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी मिनरल है। जिसकी जरूरत शरीर को थायरॉयड हार्मोन बनाने के लिए होती है। ये हार्मोन शरीर के मेटाबॉलिज्म, शरीर का तापमान, एनर्जी लेवल, बढ़ने और दिमाग के विकास को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। शरीर में आयोडीन की कमी से घेंघा रोग, थायराइड संबंधी समस्याएं, थकान, वजन बढ़ना और बच्चों में शारीरिक व मानसिक विकास में रुकावट जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे में डॉ. प्रसन्ना कार्तिक एस, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, ग्लेनीगल्स बता रहे हैं कि इसकी आयोडीन की कमी को कैसे दूर कर सकते हैं।
आयोडीन वाला नमक
आयोडीन की कमी दूर करने के लिए आप आयोडीन वाला नमक इस्तेमाल कर सकते हैं। बिना आयोडीन वाले नमक की जगह आयोडीन वाला नमक इस्तेमाल करने से शरीर की रोज़ की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नमक का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। आयोडीन वाले नमक को बंद डिब्बे में, नमी और गर्म चीजों से दूर रखें, ताकि उसमें मौजूद आयोडीन लंबे समय तक बना रहे।
डेयरी प्रोडक्ट्स
दूध, दही, योगर्ट और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स से भी आयोडीन मिल सकता है। हालांकि इनमें आयोडीन की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। अंडे, अंडे की जर्दी में भी अच्छी मात्रा में आयोडीन होता है। मछली और सीफूड से भी अच्छी मात्रा में आयोडीन मिल सकता है, लेकिन यह मछली के प्रकार और खाई गई मात्रा पर निर्भर करता है। वहीं कुछ पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों, जैसे बीन्स, अनाज और सब्जियों में भी अलग-अलग मात्रा में आयोडीन पाया जाता है। पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकली जैसी सब्जियों में गोइट्रोजन नाम के कुछ तत्व होते हैं, जो बहुत ज्यादा मात्रा में खाने पर शरीर में आयोडीन के इस्तेमाल में रुकावट डाल सकते हैं। आयोडीन की कमी या थायरॉयड की बीमारी वाले लोगों को इन सब्जियों को ज्यादा मात्रा में, खासकर कच्चा या सलाद के रूप में, खाने से बचना चाहिए और अपनी डाइट के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
सीवीड
सीवीड में आयोडीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। बहुत ज्यादा सीवीड खाने या बिना डॉक्टर की सलाह के आयोडीन सप्लीमेंट लेने से शरीर में जरूरत से ज्यादा आयोडीन हो सकता है और इससे थायरॉयड के काम पर असर पड़ सकता है। जो लोग वीगन डाइट लेते हैं, डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं खाते या बहुत कम सीफूड खाते हैं, उन्हें अपने खाने में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा पर खास ध्यान देना चाहिए। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान शरीर को आयोडीन की जरूरत भी ज्यादा होती है। थायरॉयड की बीमारी वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना आयोडीन सप्लीमेंट नहीं लेना चाहिए, क्योंकि आयोडीन की कमी और इसकी ज्यादा मात्रा, दोनों ही थायरॉयड की सेहत पर असर डाल सकते हैं।








