2025 की शुरुआत में डूबा अरबों डॉलर का निवेश! फिर भी इन टेक कंपनियों पर बरसी दौलत

भारत में प्राइवेट इक्विटी (PE) निवेश की रफ्तार 2025 की पहली तिमाही में काफी धीमी रही। आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही कुल $1.98 बिलियन का निवेश हुआ, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 53.7% कम है। वहीं,…

भारत में प्राइवेट इक्विटी (PE) निवेश की रफ्तार 2025 की पहली तिमाही में काफी धीमी रही। आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही कुल $1.98 बिलियन का निवेश हुआ, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 53.7% कम है। वहीं, पिछली तिमाही यानी 2024 के अंतिम तीन महीनों से तुलना करें तो भी इसमें 50.5% की गिरावट देखी गई। यह 2018 के बाद किसी भी साल की सबसे कमजोर शुरुआत मानी जा रही है। LSEG डील्स इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अंतरराष्ट्रीय तनाव और ऊंचे वैल्यूएशन इस गिरावट की प्रमुख वजहें हैं। साथ ही डील्स की संख्या में भी 16.7% की कमी आई है।

टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में अब भी कायम है निवेशकों का भरोसा

इन चुनौतियों के बीच, टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेक्टर में निवेशकों की रुचि अब भी बनी हुई है। खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फिनटेक, हेल्थटेक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में निवेश हुआ। इसके अलावा, ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी को लेकर भी निवेशकों का रुझान बढ़ा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि IPO गतिविधियों में आई मंदी और 2025 में ब्याज दरों में संभावित कटौती, आने वाले समय में PE और वेंचर कैपिटल निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना सकती है।

इन कंपनियों को मिला सबसे ज्यादा निवेश

2025 की पहली तिमाही में Meesho Payments को सबसे बड़ी फंडिंग मिली, जिसमें कंपनी ने पांच निवेशकों और पांच फंड्स से कुल $270 मिलियन जुटाए। इसके अलावा, Nexus Select Trust ने फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में $105.4 मिलियन की डील की। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सेक्टर की Naffa Innovations को $78 मिलियन और Hiveloop Technology को $75 मिलियन का निवेश मिला। Oravel Stays (OYO) को भी $64.1 मिलियन की फंडिंग मिली, जिससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में डिजिटल मॉडल की लोकप्रियता का पता चलता है। इसके अलावा, Leap Finance, Girnar Insurance Brokers, Hella Infra Market, Draftspotting Technologies और Cashfree Payments जैसी कंपनियों ने भी इस तिमाही में उल्लेखनीय निवेश हासिल किया।

इंटरनेट और सॉफ्टवेयर सेक्टर में आई तेजी

2025 की पहली तिमाही में इंटरनेट से जुड़ी कंपनियों में सबसे अधिक निवेश देखने को मिला। इस सेक्टर में 81 डील्स हुईं और कुल $860.9 मिलियन का निवेश हुआ, जो पिछले साल से 42.2% ज़्यादा है। इसी तरह कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सेक्टर में भी 23.8% की वृद्धि दर्ज की गई और $450.1 मिलियन का निवेश हुआ। इससे साफ है कि भारत का डिजिटल और टेक इकोसिस्टम अब भी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।

फाइनेंशियल और कंज़्यूमर सेक्टर में भारी गिरावट

वहीं दूसरी ओर, फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्टर में निवेश में 52.9% की गिरावट देखी गई। इस सेक्टर में केवल 11 डील्स हुईं और कुल $191.8 मिलियन का निवेश हुआ। इसी तरह कंज़्यूमर से जुड़े सेक्टर्स में भी 45.8% की कमी आई और निवेश घटकर $172 मिलियन रह गया। ट्रांसपोर्टेशन और हेल्थकेयर जैसे पारंपरिक सेक्टर भी निवेश के मामले में पिछड़ते नजर आए।

बिजनेस सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग ने चौंकाया

कुछ सेक्टर ऐसे भी रहे जिन्होंने उम्मीद से ज्यादा प्रदर्शन किया। बिजनेस सर्विसेस सेक्टर में सिर्फ 6 डील्स हुईं लेकिन निवेश में 272.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और कुल $39.9 मिलियन का निवेश हुआ। वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने चौंकाते हुए 2958.3% की जबरदस्त ग्रोथ दिखाई, हालांकि यह आंकड़ा $14.7 मिलियन तक ही सीमित रहा।

कई सेक्टरों में निवेश लगभग शून्य

कई सेक्टरों में स्थिति काफी निराशाजनक रही। कम्युनिकेशन सेक्टर में निवेश 99.4% घटकर सिर्फ $13.4 मिलियन रह गया। बायोटेक्नोलॉजी में 78.7% की गिरावट के साथ निवेश केवल $0.6 मिलियन रहा, जबकि यूटिलिटी सेक्टर में तो यह सिर्फ $0.1 मिलियन तक ही सीमित रह गया। सबसे बुरी हालत कृषि, मत्स्य और वानिकी सेक्टर की रही जहां इस तिमाही एक भी निवेश नहीं हुआ।

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Author: vatsalyanews

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