पुलिस भर्ती पूरी करने के बाद युवक की मौत: कच्छ के युवक का खाकी पहनने का सपना अधूरा रह गया; घबराहट के कारण वह बेहोश होकर गिर गया

समीर पटेल, भरूच

गुजरात राज्य में चल रही पुलिस भर्ती प्रक्रिया के बीच भरूच से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। कच्छ का एक होनहार युवक, जो भरूच पुलिस हेडक्वार्टर में फिजिकल टेस्ट देने आया था, दौड़ पूरी करने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने से अचानक मौत हो गई। इस घटना के बाद भर्ती सेंटर में शोक की लहर दौड़ गई है।

कच्छ के एक युवक का खाकी वर्दी पहनने का सपना अधूरा रह गया
मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से कच्छ का रहने वाला 25 साल का रविराज जडेजा पुलिस फोर्स में शामिल होने का सपना लेकर भरूच पुलिस हेडक्वार्टर में फिजिकल टेस्ट देने आया था। रविराज ने जोश के साथ तय दौड़ पूरी की थी। लेकिन, जैसे ही दौड़ खत्म हुई, वह घबरा गया और अचानक गिर पड़ा।

घबराहट के कारण वह गिर पड़ा
मौके पर मौजूद मेडिकल टीम और पुलिस सिस्टम ने तुरंत फर्स्ट एड दिया और रविराज को भरूच सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगे के इलाज के लिए एक प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की बहुत कोशिशों के बावजूद रविराज को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।

डॉक्टरों की बहुत कोशिशों के बावजूद भी रविराज की मौत इलाज के दौरान ही हो गई।

युवक की अचानक मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। खाकी वर्दी पहनकर देश की सेवा करने की चाहत रखने वाले रविराज की मौत से साथी कैंडिडेट्स में भी बहुत दुख है। बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल हॉस्पिटल भेज दिया गया है, ताकि मौत की सही वजह पता चल सके। लोकल पुलिस ने इस मामले में एक्सीडेंटल मौत का केस दर्ज किया है और आगे की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस भर्ती में शामिल होने वाले कैंडिडेट्स की फिजिकल फिटनेस और ग्राउंड पर मेडिकल सुविधाओं को लेकर बहस छेड़ दी है।

पिता का लक्ष्य ASI और बेटे का लक्ष्य PSI बनना था।

इस घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रविराज एक पुलिस परिवार से था। रविराज के पिता महेंद्रसिंह वडोदरा में SRP ग्रुप में ASI के पद पर काम करते हैं। रविराज काफी समय से PSI बनने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। पिछले साल भी उन्होंने इसी ग्राउंड पर एग्जाम दिया था, लेकिन फेल हो गए थे। इस साल भी वे हार नहीं मानते हुए तैयारी के साथ मैदान में उतरे, लेकिन फॉर्मैलिटीज़ की वजह से वे खाकी वर्दी नहीं पहन पाए।

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Author: vatsalyanews

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