भिलोदा में पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल: मज़दूर को बलि का बकरा बनाया गया…? असली मालिक के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं – स्थानीय लोगों में गुस्सा

अरावली

रिपोर्ट – हितेंद्र पटेल

भिलोदा में पुलिस की कारगुजारी पर सवाल: मज़दूर बना बलि का बकरा…? असली मालिक पर कोई एक्शन क्यों नहीं – लोकल लोगों में गुस्सा

पुलिस अब तक असली मालिक तक पहुंचने में ढिलाई बरत रही है..!! चर्चाएं तेज हो गई हैं कि सच्चाई कुछ और है

अरावली जिले के भिलोदा तालुका के तकाटुका गांव के बाहर गांजा जब्त करने के मामले में पुलिस की कारगुजारी पर गंभीर सवाल उठे हैं। भिलोदा पुलिस ने एक अरंडी के खेत से गांजे के 23 पौधे (कुल 9.700 kg, अनुमानित कीमत ₹4.85 लाख) जब्त किए थे। हालांकि, पूरे ऑपरेशन के दौरान सिर्फ एक मज़दूर, संजयकुमार तेजूभाई गमार (उम्र 25) को गिरफ्तार किया गया, जिससे लोकल लोगों में काफी चर्चा और गुस्सा है। चर्चाओं के मुताबिक, लोकल लोगों का आरोप है कि असली आरोपी अभी भी बाहर है, जिसके बाद लोकल लोगों और सोशल एक्टिविस्ट का दावा है कि गांजे की खेती जैसा काम एक अकेले मज़दूर के लिए मुमकिन नहीं है। खेती के लिए बीज, खाद, पानी और लंबे समय तक निगरानी की ज़रूरत होती है, जो ज़मीन के मालिक की जानकारी के बिना मुमकिन नहीं है। हालांकि, इस बात का कोई सबूत सामने नहीं आया है कि खेत के असली मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई हो। हैरानी की बात है कि ड्रोन और FSL टीम के बावजूद जांच अधूरी है..? पुलिस ने ड्रोन सर्विलांस और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की मदद से छापेमारी की और वीडियोग्राफी भी कराई गई। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक, जांच सिर्फ एक युवक की गिरफ्तारी तक ही सीमित लगती है। इसे लेकर “ढीले काम” और “अधूरी जांच” के आरोप लग रहे हैं।

गांजे के बीज कहां से आए?

सेल्स नेटवर्क कौन संभाल रहा था..?

खेत का मालिक कौन है या इसमें शामिल दूसरे लोग कौन हैं…?

स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि छोटे मजदूरों को पकड़ना तो आसान है, लेकिन पुलिस बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में नाकाम रहती है, जिससे पुलिस की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मामले के बारे में आगे की पूछताछ के लिए जब ज़िले के DYSP से फ़ोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच करने वाले अधिकारी को पता होगा, उसके बाद भिलोदा थाने के अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच SOG कर रही है. जब अधिकारी से पूछताछ की गई तो उन्होंने कहा कि अगर ज़मीन के असली मालिक का नाम सामने आया तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. वहीं, जांच कर रहे SOG अधिकारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि अभी असली मालिक का नाम सामने नहीं आया है और आरोपी असली मालिक का नाम नहीं बता रहा है. फ़िलहाल कल तक के लिए रिमांड शुरू कर दी गई है. जब उन्होंने ऐसा कहा तो अब ऐसा लग रहा है कि ज़िम्मेदार अधिकारी भी कड़ा जवाब दे रहे हैं.

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Author: vatsalyanews

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