अंधविश्वास के अंधेरे के खिलाफ विज्ञान की रोशनी: मोरबी निर्शिव फाउंडेशन द्वारा गोर खिजड़िया स्कूल में एक अनोखा प्रयोग

मोरबी अंधविश्वास के अंधेरे के खिलाफ साइंस की रोशनी: मोरबी निर्शिव फाउंडेशन का गोर खिजड़िया स्कूल में अनोखा एक्सपेरिमेंट

मोरबी: आज का ज़माना टेक्नोलॉजी और साइंस का है, फिर भी समाज में कहीं न कहीं अंधविश्वास की जड़ें अभी भी गहरी पाई जाती हैं। ‘चमत्कार’ के नाम पर भोली-भाली जनता को ठगने वाले धोखेबाजों को बेनकाब करने के लिए निर्शिव फाउंडेशन ने एक सराहनीय पहल की है, खासकर ग्रामीण इलाकों में।

पाखंडियों का पर्दाफाश और साइंटिफिक समझ
इस प्रोग्राम में मशहूर जादूगर डॉलर चूड़ासमा ने कई तरह के एक्सपेरिमेंट पेश किए। जिसमें धोखेबाज और पाखंडी जो ट्रिक्स दिखाकर आमतौर पर लोगों को ठगते हैं, उन्हें उन्होंने लाइव दिखाया और उनके पीछे का साइंस समझाया।

प्रोग्राम के दौरान: मुंह में जलता हुआ कोयला या देतवा डालना।

मूर्ति को दूध पिलाना। हथेली में दीया जलाना।
अगरबत्ती पर पानी छिड़ककर उसे जलाना। स्टूडेंट्स को डिटेल में समझाया गया कि ऐसे कई कारनामों के पीछे कोई दैवीय शक्ति नहीं बल्कि केमिकल साइंस और हाथ की सफाई होती है, और उनसे अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की गई।

इस मौके पर निर्शिव फाउंडेशन के फाउंडर रोहन रंकजा, आरती रोहन, श्रुति रंकजा और भक्ति मारवानिया खास तौर पर मौजूद थे। इसके साथ ही C.R.C. शिरीषभाई रंकजा ने भी शामिल होकर संस्था के इस काम की तारीफ की। स्कूल परिवार का सहयोग स्कूल प्रिंसिपल पंकजभाई थोरिया के गाइडेंस में पूरा टीचिंग स्टाफ प्रोग्राम को सफल बनाने में शामिल हुआ। जिसमें अश्विनभाई कवार, संजयभाई पदसुम्बिया, दर्शनबेन सरदवा, सरस्वतीबेन तारपारा, रमेशभाई हंबल, भरतभाई कंजिया और सरोजबेन सरदवा ने पहल की। ​​इस प्रोग्राम ने स्टूडेंट्स में जिज्ञासा और ज्ञान जगाया और उन्होंने कसम खाई कि वे कभी अंधविश्वास में नहीं पड़ेंगे।

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Author: vatsalyanews

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