Heatwave: लू की गिरफ्त में उत्तर भारत, 40 फीसदी मरीज बढ़े – rising heatwave leads to 40 increase in opd visits across northern india

उत्तर भारत में लू चलने के कारण, कई अस्पतालों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में मरीजों की संख्या में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। दरअसल गर्मी बढ़ने से लू लगने, थकान तथा गर्मी से संबंधित अन्य बीमारियों जैसे शरीर में पानी की कमी हो जाना, चक्कर आना और पुरानी बीमारियों के बढ़ने जैसे मामलों में तेजी आई है जिसके कारण मरीजों की भीड़ अस्पताल में बढ़ने लगी है।

देश के कई प्रमुख शहरों में तापमान के 40 डिग्री पार करने के साथ ही बुजुर्ग, मधुमेह या हृदय संबंधी बीमारियों वाले लोग के साथ-साथ बाहर काम करने वाले कामगारों जैसे कि निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिक, सुरक्षा गार्ड मुख्य रूप से प्रभावित हुए हैं।

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, द्वारका में आंतरिक चिकित्सा की निदेशक एवं यूनिट प्रमुख चारू गोयल सचदेवा ने कहा कि मरीजों की संख्या में वृद्धि शहरों में पड़ रही गर्मी के प्रभाव, पानी आदि पीने की खराब आदतों और काम या यात्रा के कारण लंबे समय तक धूप में रहने के कारण भी हो रही है।

दिल्ली-एनसीआर में ओपीडी में मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है, वहीं उत्तर भारत के अन्य प्रमुख शहर जैसे पानीपत और कानपुर में भी गर्मी से स्वास्थ्य परेशानियों के कारण मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। पारस हेल्थ कानपुर में वरिष्ठ डॉक्टर (आंतरिक चिकित्सा) अभिषेक अग्रवाल ने कहा, ‘कानपुर के अस्पतालों में ओपीडी में 15 से 16 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें बेहोशी, डिहाइड्रेशन, सांस लेने में तकलीफ और त्वचा में संक्रमण जैसे लक्षण बेहद आम हो गए हैं।’ कई मरीज यूरीन इन्फेक्शन और पेट संबंधी परेशानियों की भी शिकायत कर रहे हैं जो कम पानी पीने और खाने-पीने में साफ-सफाई न बरतने के कारण अधिक गर्मी के दौरान यह सब कुछ बेहद सामान्य होता है।

अस्पताल कर रहे तैयारी

केंद्र सरकार ने पहले ही राज्य सरकारों से हीटस्ट्रोक (लू)आदि के लिए एक कार्ययोजना बनाने के लिए कहा है। वहीं कई सरकारी और निजी अस्पतालों ने लू आदि के मामलों में संभावित बढ़ोतरी के लिए तैयारी शुरू कर दी है। उदाहरण के तौर पर, नई दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में इमर्शन ट्यूब और वेंटिलेटर बेड के साथ एक विशेष हीटस्ट्रोक नियंत्रण यूनिट है।

हीट स्ट्रोक के गंभीर मामलों के इलाज और प्रबंधन के लिए परिचालन सुविधा तैयार करने का दावा करते हुए आरएमएल अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा विभाग के प्रमुख अमलेन्दु यादव ने कहा कि यह अपने-आप में एक महत्त्वपूर्ण पहल है और अस्पताल विभिन्न लोकेशनों के लिए जीवन रक्षक उपायों से जुड़ी सेवाएं देने के लिए मोबाइल यूनिट भी चला रहा है ताकि गर्मी से बीमार हुए लोगों का समय पर इलाज किया जा सके।

 


First Published – May 1, 2025 | 10:48 PM IST



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