अमेरिका दौरा बीच में छोड़ लौटीं सीतारमण, अजय सेठ करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व – sitharaman returned to america tour in the middle

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपनी अमेरिका की यात्रा बीच में ही छोड़कर लौटने का फैसला किया है। अब उनकी जगह वित्त एवं आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ वॉशिंगटन में विश्व बैंक-अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की बैठक और जी20 वित्त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक के गर्वनर की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

सीतारमण को अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ होने वाली बैठक और अन्य देशों के वित्त मंत्रियों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें भी रद्द करनी पड़ीं। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘वित्त सचिव और सचिव, डीईए अजय सेठ, वित्त मंत्री की अनुपस्थिति में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।’

सीतारमण, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा से जुड़ी मंत्रिमंडलीय समिति से जुड़ी हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित सभी मामलों पर निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था है। वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बुधवार को पोस्ट किया, ‘केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री अपनी अमेरिका-पेरू की आधिकारिक यात्रा को बीच में रद्द कर रही हैं। इस कठिन और दुखद समय में अपने लोगों के साथ रहने के लिए वह भारत के लिए तुरंत उपलब्ध विमान से वापसी करेंगी।’

मंगलवार को सीतारमण ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘पहलगाम, जम्मू कश्मीर से दिल दहला देने वाली खबर आई है। दुख व्यक्त करने के लिए कोई शब्द नहीं है। मैं इस आतंकवादी कृत्य की निंदा करती हूं। इस हमले में प्रभावित सभी परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है। घायलों के तुरंत स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना है।’

आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक तथा जी20 एफएमसीबीजी बैठक के अलावा सीतारमण को डेवलपमेंट प्लीनरी, इंटरनैशनल मॉनिटरी ऐंड फाइनैंशियल कमिटी (आईएमएफसी) प्लीनरी और ग्लोबल सॉवरिन डेट राउंडटेबल (जीएसडीआर) बैठकों में भी हिस्सा लेना था।

26 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच वित्त मंत्री को वित्त मंत्रालय और कारोबार जगत की प्रमुख हस्तियों के एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए पेरू जाना था जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार संबंधों को उजागर करता है। सीतारमण को पेरू के कई मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करनी थी और स्थानीय जन प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत करनी थी।


First Published – April 23, 2025 | 11:48 PM IST



संबंधित पोस्ट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!