गुवाहाटी में चाय नीलामी में बना रिकार्ड, 2024-25 में बिकी 17 करोड़ किलो चाय – record 2024 25 sold in tea auction in guwahati sold 17 million kg of tea

गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र (GTAC) ने वित्त वर्ष 2024-25 में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में चाय की अधिक बिक्री दर्ज की, साथ ही प्रति किलोग्राम औसत कीमत में भी इजाफा हुआ है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। नीलामी केंद्र से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि बॉउट लीफ फैक्टरीज़ (BLFs) द्वारा उत्पादित चाय को भी बीते वित्त वर्ष में अच्छा और लाभदायक मूल्य मिला।

गुवाहाटी टी ऑक्शन बायर्स एसोसिएशन के सचिव दिनेश बिहानी ने बताया, “GTAC ने वित्त वर्ष 2024-25 में 169.13 मिलियन किलोग्राम चाय की बिक्री की, जिसकी औसत कीमत ₹227.70 प्रति किलोग्राम रही। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले वृद्धि है, जब 166.34 मिलियन किलोग्राम चाय की औसत ₹183.20 प्रति किलोग्राम की दर पर बिक्री हुई थी — यानी ₹44.50 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।”
बिहानी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में कुल बिक्री कारोबार लगभग ₹3,851 करोड़ आंका गया है। BLFs को पूरे वर्ष “मजबूत और लाभकारी कीमतें” मिलीं। इनमें से बेजोपाथर क्षेत्र की कुछ चाय ₹471 प्रति किलोग्राम तक बिकीं। असम के सभी जिलों में धेमाजी जिले की BLFs की चाय को बीते वित्त वर्ष में सबसे ऊंचा दाम मिला।

GTAC टी लाउंज के चेयरमैन के रूप में भी कार्यरत बिहानी ने बताया कि नीलामी केंद्र अपने इन-हाउस टी लाउंज के माध्यम से ‘सिंगल ओरिजिन’ असम चाय को सक्रिय रूप से प्रमोट कर रहा है। यह लाउंज अब पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय स्थान बन गया है, जहां वे असली और उच्च गुणवत्ता वाली असम चाय खरीदते हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में इस टी लाउंज ने चाय प्रचार और खुदरा बिक्री से ₹1 करोड़ से अधिक का टर्नओवर दर्ज किया है।

सितंबर तिमाही में कैसा रहा था कारोबार

सितंबर तिमाही में चाय बागान कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि दर्ज की गई। इससे चाय की कीमतों में तेजी का पता चलता है। प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ जिससे कीमतों में इजाफा हुआ। अनियमित बारिश के बाद लंबे समय तक सूखे के कारण चाय उत्पादन में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 7.67 करोड़ किलोग्राम की कमी आई। उत्तर भारत से चाय उत्पादन में करीब 6.3 करोड़ किलोग्राम का नुकसान हुआ जिससे थोक कीमतों में तेजी आई। चाय के कुल उत्पादन में उत्तर भारत की हिस्सेदारी 82 फीसदी से अधिक है।

चाय बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर 2024 तक उत्तर भारत में औसत नीलामी मूल्य 247.33 रुपये प्रति किलोग्राम था जो एक साल पहले की इसी अवधि के मुकाबले 23.98 फीसदी अधिक है। दक्षिण भारतीय चाय का औसत मूल्य 126.22 रुपये प्रति किलोग्राम एक साल पहले की अवधि के मुकाबले 16.19 फीसदी अधिक था। इसी प्रकार चाय का अखिल भारतीय औसत मूल्य 215.34 रुपये प्रति किलोग्राम था जो एक साल पहले की अवधि के मुकाबले 22.01 फीसदी अधिक है।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

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First Published – April 20, 2025 | 4:19 PM IST



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