अहवा में नाबालिग लड़की से रेप के आरोपी प्रफुल्ल नायक की हरकत के विरोध में अहवा नगर सज्जाद बंद।

वात्सल्यम समाचार

मदन वैष्णव

डांग जिले के हेडक्वार्टर आहवा में मौजूद मशहूर ‘डांग स्वराज आश्रमशाला’ में इंसानियत और शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली एक बहुत ही गंभीर घटना सामने आई है। चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं कि आदिवासी बच्चों के सुनहरे भविष्य और सुरक्षा के नाम पर चलाई जाने वाली इस संस्था में रक्षक ही भक्षक बन गए हैं। आहवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है कि आश्रमशाला की महिला हेड के पति प्रफुल्लभाई नायक ने 15 साल की नाबालिग स्टूडेंट के साथ रेप किया, जिससे पूरे जिले में भारी हंगामा मच गया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए और पीड़ित लड़की को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर अलग-अलग आदिवासी संगठनों और ट्रेड एसोसिएशन ने 1 फरवरी, 2026 को आहवा नगर सज्जाद बंद का ऐलान किया है, जिसे काफी सपोर्ट मिल रहा है। इस सेंसिटिव घटना की दिल दहला देने वाली बातों के मुताबिक, इस रेप की साजिश करीब सात से आठ दिन पहले रची गई थी, जब आश्रम के दूसरे स्टूडेंट सफाई में बिज़ी थे। आश्रम में खाना बनाने वाली सोनलबेन नाम की एक औरत ने पीड़िता को यह कहकर अपने भरोसे में लिया कि “रसोई में काम है” और फिर इस मासूम बच्ची को एक गिलास पानी में कोई नशीला पदार्थ या कैफीन मिलाकर पिला दिया। कैफीन वाला ड्रिंक पीने के बाद नाबालिग बच्ची बेहोश हो गई, जिसका फायदा उठाकर प्रफुलभाई नायक उसे उठाकर अपने कमरे में ले गया और वहां उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए और घिनौना काम किया। शिक्षा जगत पर कई सवाल उठ रहे हैं, जो उस संस्था में पावर और रसूख का गलत इस्तेमाल करके बेटियों की इज्ज़त से खेलता है, जहां माता-पिता अपनी बेटियों को पढ़ने भेजते हैं। इस घिनौनी घटना के विरोध में सुबह से ही आहवा नगर के बाजार अचानक बंद देखे गए। व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बोर्ड फाड़कर इस घिनौने काम की कड़े शब्दों में निंदा की है। सड़कों पर ट्रैफिक कम है और लोग इस घिनौने आरोपी प्रफुल नायक के प्रति बहुत गुस्सा दिखा रहे हैं। आदिवासी समुदाय के नेताओं ने मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की हिम्मत न करे। दूसरी ओर, आहवा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रफुलभाई नायक और उसकी हेल्पर कुक सोनलबेन के खिलाफ POCSO एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर रिमांड मिलने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस घटना से पूरे डांग जिले में दहशत फैल गई है और लोग अब आश्रमों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

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Author: vatsalyanews

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