नेपाल में कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते कई बस्तियां उजड़ गईं। कभी गुलजार रहने वाला नेपाल का त्रिशूली बाजार आज वीरान पड़ा है। बाजार में जहां कभी करोड़ों का कारोबार होता था, वहां अब क्षतिग्रस्त मकान और खंडहर हो चुकी दुकानें दिखाई दे रही हैं। इस त्रासदी में भारतीय कारोबारी अशोक कुमार चौरसिया ने अपना सबकुछ खो दिया। हालात ऐसे हैं कि करोड़ों की संपत्ति और कारोबार के मालिक रहे अशोक के पास अब पहनने तक के कपड़े नहीं हैं। वह लोगों से मांगकर कपड़े पहन रहे हैं। त्रासदी में उनके परिवार के दो सदस्यों (भाभी, भतीजा) की जान चली गई।
त्रिशूली बाजार में 20 सालों से थी दुकान
त्रिशूली बाजार में करीबन 60 से ज्यादा भारतीय परिवार थे। लेकिन अब क्षतिग्रस्त घर और साथ में खंडर दुकानें दिखाई दे रही हैं। अशोक कुमार चौरसिया ने इंडिया टीवी पर अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रसड़ा के रहने वाले हैं। वह नेपाल में 44 साल से हैं। त्रिशूली बाजार में 20 सालों से उनकी दुकान थी। त्रिशूली बाजार में उनकी कपड़ों की दुकानें और गोदाम थे। उनके मुताबिक, उनका कारोबार नुवाकोट जिले में काफी जाना-पहचाना था और वह यहां कपड़ों के सबसे बड़े होलसेल कारोबारियों में शामिल थे।
तबाही में 45 करोड़ से अधिक का नुकसान
अशोक ने बताया कि जिस समय पानी बढ़ने की सूचना मिली, वह सुबह दुकान लगा चुके थे। पुलिस ने उन्हें सतर्क करते हुए बताया कि पानी बढ़ रहा है। इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चों को उठाया और वहां से निकलने की कोशिश की। उनका कहना है कि पानी इतनी तेज गति से आया कि शापुर बेसिस से करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय कर लगभग 20 मिनट में यहां पहुंच गया।
अशोक के मुताबिक, उनके पास चार दुकानें, चार गोदाम, एक मारुति कार और एक स्कूटी थी। इस पूरी तबाही में उनका करीब 45 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि सबकुछ चला गया, खाने का पैसा तो नहीं था, ₹100 भी नहीं था। उन्होंने बताया कि हमलोग चार आदमी बचे हैं, जिसमें दो को इंडिया भेज दिया है। वहीं, त्रिशूली स्थित कृषि विकास बैंक की शाखा से 50 करोड़ सोना और डेढ़ करोड़ कैश बरामद किए गए। भोटेकोशी नदी में आए उफान में बैंक का यह ब्रांच डूब गया था।
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