बिहार का 16वीं सदी का रहस्यमयी मंदिर, जिस पर बनी है सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘द वन’, डायरेक्टर ने बताई कहानी

सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘द वन- फोर्स ऑफ फॉरेस्ट’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उनके साथ तमन्ना भाटिया भी लीड रोल में नजर आएंगी। हाल ही में मेकर्स ने ‘द वन’ का टीजर जारी किया है, जिसमें सिद्धार्थ और तमन्ना एक रहस्यमयी फोकलोर की दुनिया में नजर आते हैं। बालाजी मोशन पिक्चर्स द्वारा प्रस्तुत ‘द वन’ का टीजर भारतीय लोककथाओं और फैंटसी कि दुनिया में ले जाता है, जो बड़े पर्दे पर कम ही देखने को मिलता है। अलौकिक शक्तियां, प्राचीन मान्यताएं और रहस्य इस फिल्म की कहानी का केंद्र है। इस बीच फिल्म के मेकर्स ने खिलासा किया है कि ‘द वन’ की कहानी असल में बिहार के 16वीं सदी के मंदिर ‘वन देवी’ पर आधारित है।

अरुणाभ कुमार और दीपक मिश्रा को कहां से मिली ‘द वन’ की प्रेरणा?

‘द वन’ का निर्देशन ‘पंचायत’ सीरीज के निर्देशक दीपक मिश्रा ने किया है और टीवीएफ के अरुणाभ कुमार और एकता कपूर इसके प्रोड्यूसर हैं। फिल्म की कहानी भी अरुणाभ कुमार ने ही लिखी है। अब दीपक मिश्रा और अरुणाभ कुमार ने बताया है कि उन्हें इस फिल्म की कहानी की प्रेरणा आखिर कहां से मिली और कैसे उन्होंने इस फिल्म को बनाने के बारे में सोचा।

‘वन देवी मंदिर’ से जुड़ी सच्ची कहानी पर आधारित है फिल्म

दीपक मिश्रा और अरुणाभ कुमार ने ‘ANI’ के साथ बातचीत के दौरान ‘द वन’ को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए। इंटरव्यू के दौरान अरुणाभ कुमार ने बताया कि ‘द वन’ की कहानी पटना के पास स्थित एक मंदिर ‘वन देवी मंदिर’ की सच्ची कहानी से जुड़ी है। अरुणाभ कुमार के अनुसार, वन मंदिर जाने वाले और वहां की लोक-कथाओं के बारे में जानने वाले लोगों से उन्होंने बात की और इसके बाद इस मंदिर को लेकर उनकी दिलचस्पी बढ़ने लगी। उन्होंने स्थानीय पुजारियों से और ग्रामीणों से भी बात की और फिर उन्हें इस फिल्म का आइडिया आया। इसी के बाद अरुणाभ कुमार और दीपक मिश्रा ने मिलकर इस पर फिल्म बनाने पर विचार किया।

16वीं सदी का है मंदिर

अरुणाभ कुमार ने इस फिल्म और मंदिर के बारे में बात करते हुए कहा- ‘इस मंदिर को 16वीं सदी में बनाया गया था। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगल में कुछ ऐसी शक्तियां थीं जो लोगों को परेशान करती थीं। सूर्यास्त के बाद जंगल में लोगों का जाना मना था और ये लोक कथा आज भी प्रचलित है। मैंने पुजारियों, स्थानीय लोगों और ग्रामीणों से चर्चा की और दो साल पहले दीपक को इस बारे में बताया था। हम दोनों को ये कहानी बहुत रोमांचक लगी, जिसके बाद हम एकता कपूर के पास गए और उन्होंने कहा कि ये कहानी बड़े पर्दे के लायक है।’

एनिमेशन और स्पेशल इफेक्ट्स से तैयार हुई ‘द वन’ की दुनिया

दीपक मिश्रा ने फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा- ‘कहानी को फिल्म का रूप देना और उस दुनिया के हिसाब से बनाना आसान नहीं था। ये नॉर्मल शूटिंग के जरिए मुमकिन नहीं था, इसलिए हमने तकनीक का सहारा लिया। स्पेशल इफेक्ट्स और एनिमेशन के जरिए ‘द वन’ की दुनिया तैयार की गई।’ बता दें, द वन 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा के साथ तमन्ना भाटिया लीड रोल में हैं और सुनील ग्रोवर, मनीष पॉल, अजय राजू और अनूप सोनी भी इस फिल्म का हिस्सा होंगे।

वन देवी मंदिर के बारे में 

वहीं ‘मां वन देवी मंदिर’ के बारे में बात करें तो ये प्राचीन मंदिर पटना जिले के बिहटा के बपास अमहारा, राघोपुर और कंचनपुर गावों की सीमा पर स्थित है। ये एक प्राचीन और रहस्यमयी सिद्धपीठ  है, जो 350 से 400 साल पुराना माना जाता है। ये राजधानी पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर है और चारों तरफ से हरे-भरे और शांत वातावरण से घिरा है। इस मंदिर में मां दुर्गा की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि देवी मां का एक पवित्र पिंड स्थापित है। स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद इस मंदिर और मंदिर परिसर के आस-पास के जंगलों में किसी के भी रुकने पर पाबंदी है। पट बंद होने के बाद मंदिर के पुजारी भी यहां नहीं रुकते।

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