BJP ने किया कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन में पेपर लीक का दावा, कहा- 30 से 40 लाख में हुआ पेपर का सौदा

बीजेपी ने आज (गुरुवार को) कर्नाटक सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। बीजेपी का दावा है कि कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन का पेपर लीक हुआ। चालीस-चालीस लाख रुपये लेकर पेपर बेचा गया। इस घोटाले में कर्नाटक सरकार के मंत्री और कर्नाटक कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता शामिल हैं। इस घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए डीके शिवकुमार और उनके मंत्री चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं। आज संबित पात्रा ने कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन में हुए इस पेपर लीक घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

पेपर के लिए स्टूडेंट्स से मांगे गए 80 लाख रुपये

दरअसल, इसी साल 8 और 9 जनवरी को कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन का एग्जाम हुआ था, लेकिन इससे एक दिन पहले ही पेपर लीक हो गया था। एस. मंजूनाथ नाम के एक व्यक्ति ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए इसके सबूत जुटाए। फिर पता लगा कि ज्ञानेंद्र कुमार ने एग्जाम में आने वाले क्वेश्चन्स को पेन ड्राइव में लिया। फिर एक बिचौलिए बसवराज कन्नाले को एग्जाम में एपीयर होने वाले छात्रों से संपर्क करने को कहा। स्टूडेंट्स से 80 लाख रुपये मांगे गए। लेकिन सौदा 30 से 40 लाख में हुआ।

11 स्टूडेंट्स से वसूले गए 1 करोड़ 52 लाख रुपये

शुरू में 11 स्टूडेंट्स ने कुल 1 करोड़ 52 लाख रुपये दिए। बाकी की रकम के लिए पोस्ट डेटेड चेक लिए गए। इस पैसे में से 1 करोड़ 30 लाख रुपये ज्ञानेंद्र कुमार को दिए गए। रिश्वत की रकम से ज्ञानेंद्र कुमार ने ज्वेलरी खरीदे। इनमें 22 लाख रुपये का एक डायमंड नेकलैस मिला है। फिर बसवराज ने बेंगलुरु के बाहर रिजॉर्ट बुक किया। कैंडिडेट्स को इस रिजॉर्ट में ठहराया गया। पेपर के क्वैश्चन और आंसर्स बताए गए। 17 जुलाई को जब रिजल्ट आया तो इन सारे कैंडिडेट्स का सेलेक्शन हो गया। जब मामले का खुलासा हुआ तो कर्नाटक सरकार ने इस मामले की जांच CID को सौंप दी।

रेड में ED को मिले सबूत

फिर ED की एंट्री भी हो गई। ED की रेड में सारे सबूत मिल गए, जिन स्टूडेंट्स ने पैसे देकर पेपर पास किया था, उनमें से 10 लड़के एप्रूवर भी बन गए। अब इस मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट नें SIT का गठन कर दिया है। इसीलिए आज संबित पात्रा ने कहा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार नौजवानों के भविष्य का सौदा कर रही है। कांग्रेस ने कर्नाटक को रिश्वत का ATM बना दिया है। संबित ने कहा कि इस पेपर लीक घोटाले में सरकार के बड़े-बड़े नेता और मंत्री शामिल हैं, इसलिए कर्नाटक सरकार इस केस को दबाने में पूरी ताकत लगा रही है।

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Author: vatsalyanews

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