कार-बाइक इंडस्ट्री को मिलेगी नई रफ्तार, पीएम मोदी ने बताया कैसे भारत बनेगा ग्लोबल ऑटो हब

भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर आने वाले वर्षों में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। देश में बढ़ती गाड़ियों की मांग, तेजी से बनते हाईवे, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ता फोकस ऑटो इंडस्ट्री को नई दिशा दे रहा है। 66वें SIAM वार्षिक सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत का मोबिलिटी सेक्टर तेजी से बदल रहा है और आने वाले समय में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग इसकी ताकत बनेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा है। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे लोगों और सामान की आवाजाही की जरूरत भी बढ़ रही है। इसका सीधा फायदा कार, बाइक और कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री को मिल रहा है। देश में हाईवे और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के तेजी से विस्तार से लोगों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना आसान हो रहा है। इससे ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

बेहतर कनेक्टिविटी से घटेगी लागत

पीएम मोदी ने बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक लॉजिस्टिक्स को ऑटो सेक्टर के लिए बड़ा फायदा बताया। सड़क और परिवहन नेटवर्क मजबूत होने से सामान की आवाजाही में समय और लागत दोनों कम हो सकते हैं। इससे भारत में बनने वाली गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय ऑटो इंडस्ट्री को दुनिया के बड़े बाजारों में और मजबूत बनाना भी है।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर बड़ा फोकस

भारत में क्लीन और सस्टेनेबल मोबिलिटी को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में मदद मिलेगी और नई टेक्नोलॉजी तथा इनोवेशन के लिए भी अवसर बढ़ेंगे। यानी आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कार और बाइक के साथ-साथ नए तरह के मोबिलिटी सॉल्यूशन भी ऑटो सेक्टर की तस्वीर बदल सकते हैं।

PLI और मेक इन इंडिया से मैन्युफैक्चरिंग को ताकत

प्रधानमंत्री ने सरकार की PLI स्कीम और मेक इन इंडिया जैसी पहलों का भी जिक्र किया। इन प्रयासों से देश में ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को मजबूत करने में मदद मिली है। साथ ही, कारोबार को आसान बनाने के लिए पुराने और अनावश्यक नियमों तथा अनुपालनों को हटाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।

ग्लोबल ऑटो हब बनने की राह पर भारत

हाल के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से भारतीय कंपनियों को विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ाने का मौका मिल रहा है। ऐसे में भारत का ऑटो सेक्टर ग्लोबल मार्केट में अपनी मौजूदगी और मजबूत कर सकता है।

यह भी पढ़ें- PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान की मुलाकात से अमेरिका को लगी मिर्ची! आया विदेश मंत्री रूबियो का रिएक्शन



https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/09/pm-modi-1788421116.jpg

vatsalyanews
Author: vatsalyanews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!