सपुतारा रोपवे प्रोजेक्ट के मेंटेनेंस कर्मचारियों की सैलरी का 5.60 लाख रुपये का पेमेंट न होने के बारे में कलेक्टर से शिकायत…

वात्सल्यम समाचार

मदन वैष्णव

गुजरात के मशहूर हिल स्टेशन सापुतारा में टूरिस्ट की पसंदीदा एक्टिविटी रोपवे प्रोजेक्ट में गंभीर फाइनेंशियल गड़बड़ियां सामने आई हैं। सापुतारा रोपवे के ऑपरेशन और मेंटेनेंस का काम संभालने वाली प्राइवेट एजेंसी के कर्मचारियों को पिछले दो महीने से सैलरी नहीं मिली है। इस मामले से तंग आकर कर्मचारियों ने आखिरकार डांग डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को ई-मेल के ज़रिए लिखकर शिकायत की है। कर्मचारियों का आरोप है कि दिन-रात ईमानदारी से सर्विस देने के बाद भी कंपनी एडमिनिस्ट्रेटर्स ने उनके 5.60 लाख रुपये नहीं दिए हैं, जिससे कई परिवार फाइनेंशियल संकट में आ गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के भीनमाल में ‘आशीर्वाद बिल्डर्स एंड डेवलपर्स’ नाम की एक संस्था को सापुतारा रोपवे के ऑपरेशन और मेंटेनेंस की ज़िम्मेदारी दी गई थी। इस संस्था ने नवंबर-2025 से जनवरी-2026 तक रोपवे का सारा टेक्निकल और मैनेजमेंट का काम संभाला था। संगठन के प्रतिनिधि इंजीनियर बापूजी परिदा ने बताया कि उनकी टीम ने इस दौरान टूरिस्ट की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखते हुए पूरी लगन और जिम्मेदारी से रोपवे का काम संभाला। लेकिन, काम पूरा होने के बाद जब बकाया पैसे की बात आई तो कंपनी मैनेजमेंट ने गबन कर लिया। कर्मचारियों के मुताबिक, उनकी दो महीने की बकाया सैलरी की कुल रकम ₹5,60,000/- है। यह रकम पाने के लिए कर्मचारियों ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर से बार-बार संपर्क किया। और लिखकर भी बताया। लेकिन, मैनेजमेंट की तरफ से कोई पॉजिटिव जवाब नहीं दिया गया और न ही पैसे देने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। दो महीने से सैलरी न मिलने की वजह से कर्मचारियों के पास घर का ज़रूरी सामान खरीदने के लिए भी पैसे नहीं हैं, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक तनाव हो रहा है। इस गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों ने डांग डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के सामने न्याय की मांग की है। कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में अनुरोध किया गया है कि संबंधित एजेंसी को तुरंत बकाया सैलरी देने का सख्त आदेश दिया जाए। अगर कंपनी पेमेंट नहीं करती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और कर्मचारियों के शोषण की भी मांग की गई है। सापुतारा जैसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर इस तरह के अनप्रोफेशनल व्यवहार से लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और टूरिज्म डिपार्टमेंट की इमेज पर भी सवाल उठे हैं। अब देखना यह है कि डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन इस बारे में कितनी जल्दी कदम उठाता है।

vatsalyanews
Author: vatsalyanews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!