पाकिस्तान में 415.83 रुपये प्रति लीटर हुआ डीजल का भाव, अब आवाम पर ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ थोपने की तैयारी

महंगाई से जूझ रही पाकिस्तान की आवाम पर अब ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ थोपने की तैयारी तेज हो गई है। पाकिस्तान सरकार पश्चिम एशिया तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बाद पेट्रोलियम खपत कम करने के लिए ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ समेत कई उपायों पर विचार कर रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर में फ्यूल की खपत कम करने के प्रस्तावों की समीक्षा के लिए एक बैठक की। इसमें सरकारी और प्राइवेट सेक्टर से जुड़े कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। 

पाकिस्तान सरकार ने फिर बढ़ाए पेट्रोल और डीजल के दाम

पेट्रोलियम प्रभाग की मंगलवार रात जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 4.10 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमत में 6.41 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद पेट्रोल की कीमत 384.34 रुपये और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 415.83 रुपये प्रति लीटर हो गई है। 

तेल सप्लाई में बाधा की चेतावनी के बीच बढ़ाई कीमतें

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ये बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब सरकार के टॉप अधिकारियों ने होर्मुज और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण तेल सप्लाई में बाधा की चेतावनी दी है। ऊर्जा मंत्री अवैस लेघारी और जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने मंगलवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में आसमान छूती कीमतें सरकार की ऐसे मूल्य झटकों को झेलने की क्षमता की परीक्षा ले रही हैं। 

पेट्रोल की खरीद पर सब्सिडी दे रही है सरकार

समाचार पत्र ‘डॉन’ की खबर के अनुसार, मलिक ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री की ‘ईंधन राहत योजना’ के जरिए बढ़ोतरी का कुछ बोझ खुद उठाने की कोशिश की है। इस योजना के तहत मोटरसाइकिल चालकों को हर हफ्ते 5 लीटर सब्सिडी वाला पेट्रोल मिलेगा, जबकि कार मालिकों को हर 10 दिन में 10 लीटर सब्सिडी वाला पेट्रोल दिया जाएगा। 

बिजली प्लांट को चालू रखने में सफल रहा है पाकिस्तान

लेघारी ने सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया और कहा कि ईंधन की कमी के बावजूद पाकिस्तान घरेलू संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करके अपने बिजली प्लांट को चालू रखने में सफल रहा है। ईंधन की कीमतें बढ़ने के बीच सरकार खपत कम करने के विकल्प तैयार कर रही है। इनमें ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ भी शामिल है, जैसा उसने अमेरिका-ईरान युद्ध के चरम के दौरान किया था। उस समय 4 दिन काम करने और बाजारों को जल्दी बंद करने की व्यवस्था लागू की गई थी। 

कारोबारी समुदाय को पसंद नहीं सरकार के उपाय

सूचना मंत्री अत्ता तरार ने हाल में कहा था कि मितव्ययिता के उपाय फिर लागू किए जा सकते हैं। अतीत में ऐसे उपायों में बाजारों को जल्दी बंद करना शामिल था, जिसे कारोबारी समुदाय पसंद नहीं करता है। मुसादिक मलिक ने हालांकि, ‘लॉकडाउन’ की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। 

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Author: vatsalyanews

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