ज्यादा चीनी, नमक और फैट वाले खाद्य उत्पादों पर लगाए जाएंगे चेतावनी वाले लेबल, FSSAI ने दिया प्रस्ताव

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने ऐसे खाद्य उत्पादों के पैकेट के मुख्य भाग पर लाल रंग में एक स्पष्ट चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें ज्यादा सैचुरेटेड फैट, ज्यादा चीनी और नमक की मात्रा ज्यादा होती है। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक अनुपालन हलफनामे में FSSAI ने कहा कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उन खाद्य उत्पादों के बारे में आसानी से समझ में आने वाली चेतावनी देना है, जिनमें चिंताजनक बताए गए इन पोषक तत्वों की मात्रा ज्यादा है। 

खाद्य उत्पादों के पैकेट के फ्रंट पर लाल रंग के बॉक्स में चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव

हलफनामे में कहा गया है, ”आईसीएमआर-एनआईएन द्वारा जारी ‘भारतीयों के लिए खानपान के दिशानिर्देश, 2024’ के तहत तय सीमाओं के आधार पर, उन खाद्य उत्पादों के पैकेट के फ्रंट पर लाल रंग के बॉक्स में एक प्रमुख चेतावनी लेबल लगाने का प्रस्ताव है, जिनमें चिंताजनक बताए गए पोषक तत्वों- ज्यादा सैचुरेटेड फैट, ज्यादा चीनी और नमक में से किसी दो की ज्यादा मात्रा मौजूद हैं।” इसमें कहा गया कि चेतावनी लेबल पर लागू घोषणाएं प्रदर्शित होंगी, जैसे ज्यादा फैट, ज्यादा चीनी, ज्यादा नमक और अत्यधिक मीठा पेय, ताकि उपभोक्ता तय पोषक तत्वों की ज्यादा मात्रा वाले उत्पादों की आसानी से पहचान कर सकें। 

सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को लगाई थी फटकार

इस मामले की सुनवाई करते हुए 13 अगस्त को जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल लगाने में देरी को लेकर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को कड़ी फटकार लगाई थी और पूछा था कि क्या सरकार ”नहीं चाहती कि देश के नागरिक स्वस्थ रहें।” सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने अनुपालन हलफनामे में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कहा कि उसने पैकेट के फ्रंट पर चित्र के साथ ज्यादा चीनी, ज्यादा फैट और ज्यादा नमक से जुड़ी हुई जानकारी देने का प्रस्ताव तैयार किया है।

 देशभर में नियमों के उल्लंघन के मामले में चल रहीं ताबड़तोड़ कार्रवाई

बताते चलें कि इन दिनों FSSAI और कई अन्य फूड रेगुलेटर्स खाने-पीने की चीजों के साथ हो रहे नियमों के उल्लंघन को लेकर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं। इन कार्रवाई में FSSAI और महाराष्ट्र एफडीए द्वारा की जा रही कार्रवाई सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही हैं। 

ये भी पढ़ें

बॉम्बे हाई कोर्ट ने FDA को लगाई फटकार, सिप्ला के दवा बिक्री लाइसेंस को रद्द करने का आदेश वापस



https://resize.indiatv.in/resize/newbucket/1200_-/2026/08/fssai-same-1788004210.jpg

vatsalyanews
Author: vatsalyanews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!