‘हनुमान अंश’ का लीड एक्टर हुआ बीमार तो पलक झपकते ही पलटी किस्मत, प्रॉप संभालने वाले शोभिनव सत्य बने ‘नीम करोली बाबा’

सिनेमा जगत में अक्सर ऐसी कहानियां सुनने को मिलती हैं जो किसी फिल्मी कहानी से भी ज्यादा थ्रिलिंग और हैरान करने वाली होती हैं। साल 2026 की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लीड एक्टर शोभिनव सत्य की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। फिल्म में नीम करौली बाबा का मुख्य किरदार निभाने वाले शोभिनव ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि वे एक दिन पहले तक सेट पर एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे और अगली ही सुबह वे फिल्म के मुख्य नायक बन चुके थे। यह सब इतनी तेजी से घटा कि उन्हें घबराने तक का मौका नहीं मिला। आज महज 2 करोड़ रुपये के मामूली बजट में बनी यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 45 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी है।

मुख्य अभिनेता की बीमारी बनी किस्मत का मोड़

शोभिनव सत्य की कास्टिंग की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि ‘हनुमान अंश’ के साथ उनका सफर एक सेकंड असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में शुरू हुआ था। वे सेट पर प्रॉप्स संभालने और शूटिंग से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियां निभा रहे थे। इसी दौरान, जिस अभिनेता को पहले नीम करौली बाबा के किरदार के लिए चुना गया था, वह अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गया। सेट तैयार था, क्रू मेंबर्स मौजूद थे और शूटिंग की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। काम रोकने के बजाय, निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने एक बड़ा फैसला लिया और शोभिनव को ही मुख्य किरदार के लिए आजमाने का निर्णय लिया।

5 घंटे के ऑडिशन ने बदल दी जिंदगी

शूटिंग का काम प्रभावित न हो, इसके लिए निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने शोभिनव सत्य का करीब 5 घंटे तक लंबा ऑडिशन और टेस्ट लिया। शोभिनव ने स्वीकार किया कि उस वक्त वे काफी असहज और चिंतित थे। उनके दिमाग में तरह-तरह के सवाल उठ रहे थे। वे सोच रहे थे कि अगर दर्शकों ने उन्हें इस पावन किरदार में स्वीकार नहीं किया तो क्या होगा? क्या लोग यह कहेंगे कि मेकर्स ने किसे बाबा का रूप दे दिया है? जब शोभिनव इस मानसिक कशमकश से जूझ रहे थे, तब निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उन्हें संभाला। निर्देशक ने उनसे साफ कहा कि फिल्म का परिणाम क्या होगा, यह सोचना उनकी नहीं बल्कि निर्देशक की जिम्मेदारी है।

‘ईश्वरीय कृपा ने लिखा मेरे जीवन का यह अध्याय’

शोभिनव सत्य ने अपनी इस अचानक हुई कास्टिंग को पूरी तरह से एक आध्यात्मिक अनुभव और चमत्कार के रूप में देखा। उन्होंने कहा कि जब कोई दिव्य शक्ति आपके लिए कहानी लिख रही होती है तो आपको अपने दिमाग का ज्यादा इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होती। आपको बस खुद को उस शक्ति के चरणों में समर्पित कर देना होता है। उन्होंने कहा, ‘बाबा जी, यह सब आपने ही किया है और जो भी होगा वह सही होगा।’ शोभिनव का मानना है कि इस भूमिका के लिए उनकी तैयारी सालों पहले ही शुरू हो गई थी, जिसके बारे में वे खुद अनजान थे।

2009 से नीम करौली बाबा के भक्त हैं शोभिनव

शोभिनव सत्या असल जिंदगी में साल 2009 से नीम करौली बाबा के परम भक्त हैं और काफी समय से एक अनुशासित आध्यात्मिक जीवन जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2018 में उन्होंने भगवान हनुमान के लिए मंगलवार का व्रत रखना शुरू किया था और पूर्ण रूप से शाकाहारी जीवनशैली अपना ली थी। इसलिए जब उन्हें यह किरदार मिला तो उन्हें लगा कि महाराज जी खुद उन्हें सालों से इस खास भूमिका के लिए तैयार कर रहे थे। किरदार को जीवंत बनाने के लिए उन्होंने निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के वर्षों के शोध का सहारा लिया। निर्देशक ने उन्हें अपनी स्वाभाविक चाल-ढाल, बोलने और हंसने के अंदाज को बनाए रखने की सलाह दी।

चेहरे की समानता बनी कास्टिंग की मुख्य वजह

फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने भी स्वीकार किया कि जब उन्होंने टेस्ट के दौरान शोभिनव की तस्वीरें लीं तो वे शोभिनव और नीम करौली बाबा के चेहरे के बीच की समानता को देखकर हैरान रह गए। चेहरे के फीचर्स उन प्रमुख कारणों में से एक थे जिसने मेकर्स को शोभिनव पर दांव लगाने का भरोसा दिया। दर्शकों ने भी फिल्म देखने के बाद शोभिनव के अभिनय और उनके चेहरे के भावों की जमकर तारीफ की है। 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘हनुमान अंश’ आज भी दर्शकों का दिल जीत रही है। 

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