साउथ कोरिया की धरती पर इतिहास रचने उतरेगा भारत, डेविस कप में ऐसा है दोनों का हेड टू हेड रिकॉर्ड

डेविस कप में भारत के लिए शुक्रवार यानी 18 सितंबर का दिन सिर्फ एक मुकाबले की शुरुआत नहीं, बल्कि इतिहास रचने की कोशिश का पहला कदम होगा। साउथ कोरिया के खिलाफ क्वालिफायर राउंड-2 में भारत की नजरें डेविस कप फाइनल-8 में जगह बनाने पर हैं और इस हाई-वोल्टेज मुकाबले की पहली जिम्मेदारी दक्षिणेश्वर सुरेश के कंधों पर होगी। भारतीय खिलाड़ी को पहले सिंगल्स में कोरिया के नंबर-1 खिलाड़ी क्वोन सून-वू की चुनौती का सामना करना है।

दोनों टीमों के शीर्ष खिलाड़ियों की कहानी इस समय कुछ हद तक एक जैसी है। कभी ऊंची रैंकिंग पर पहुंच चुके ये खिलाड़ी अब अपने करियर को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश में हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मुकाबला ऐसे कोर्ट पर हो रहा है, जहां भारत के आक्रामक खेल की परीक्षा कड़ी होने वाली है। बता दें, भारत और साउथ कोरिया के बीच डेविस कप मुकाबले का सीधा प्रसारण VETO OTT पर किया जाएगा।

हेड टू हेड रिकॉर्ड

साउथ कोरिया के खिलाफ डेविस कप में भारत के रिकॉर्ड की बात की जाए, तो दोनों टीमें अब तक 11 बार आमने-सामने आ चुकी हैं, जिसमें साउथ कोरिया ने 6 मुकाबले जीते हैं, जबकि भारत के हिस्से 5 जीत आई हैं। हालांकि, दोनों देशों की पिछली भिड़ंत में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था।

दोनों टीमों की पिछली टक्कर करीब 10 साल पहले भारत में हुई थी। उस मुकाबले में मेजबान भारत ने साउथ कोरिया को 4-1 से मात दी थी। ऐसे में इस बार कोरिया की घरेलू परिस्थितियों में होने वाला मुकाबला एक अलग चुनौती होगी। भारतीय टीम की कोशिश अब पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए इस बार भी जीत के साथ आगे बढ़ने की होगी।

धीमे कोर्ट पर दक्षिणेश्वर की अग्निपरीक्षा

26 साल के दक्षिणेश्वर सुरेश इस साल भारत की नीदरलैंड्स पर 3-2 की रोमांचक जीत के हीरो रहे थे। अब उन्हें सियोल की धीमी और कम उछाल वाली सतह पर दुनिया के 150वें नंबर के खिलाड़ी क्वोन सून-वू के खिलाफ वही प्रदर्शन दोहराना होगा। कोरिया ने कोर्ट को दोबारा तैयार कराया है, जिससे इसकी रफ्तार धीमी और बाउंस कम हो गया है। ऐसे में दक्षिणेश्वर की तेज सर्विस और छोटी रैलियों में पॉइंट खत्म करने की काबिलियत की कड़ी परीक्षा होगी।

दूसरी ओर क्वोन का अनुभव भारत के लिए बड़ी चुनौती है। वह 2021 में करियर की सर्वश्रेष्ठ 52वीं रैंकिंग तक पहुंचे थे और इस साल अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद तीन चैलेंजर खिताब जीत चुके हैं। पिछले राउंड में उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाफ कोरिया की 3-2 की वापसी में दोनों सिंगल्स मुकाबले जीते थे। दक्षिणेश्वर ने मुकाबले से पहले कहा कि उन्होंने चैलेंजर टूर में क्वोन को देखा है। वह अच्छे खिलाड़ी हैं। कप्तान और कोच ने भी उनके मैच देखे हैं। वह इसके लिए तैयार हैं।

नागल के सामने ह्योन चुंग

दूसरे सिंगल्स में भारत के नंबर-1 खिलाड़ी सुमित नागल का सामना कोरिया के अनुभवी ह्योन चुंग से होगा। चुंग भले ही इस समय 567वीं रैंकिंग पर हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड उनके अनुभव की कहानी बताता है। 2018 में वह दुनिया के 19वें नंबर के खिलाड़ी थे और ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले पहले कोरियाई मेन्स खिलाड़ी बने थे। उस टूर्नामेंट में उन्होंने अलेक्जेंडर ज्वेरेव और नोवाक जोकोविच को हराया था। चोटों के कारण उनकी रैंकिंग में बड़ी गिरावट आई है, लेकिन कोरिया ने अनुभव को तरजीह देते हुए उन्हें टीम में चुना है। नागल भी इस सीजन में हिप और कलाई की परेशानियों से जूझ चुके हैं और धीमी सतह उनके पसंदीदा ऊंचे बाउंस वाले कोर्ट से अलग है। नागल ने कहा कि वह कोर्ट पर जाएंगे और अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। वह हर गेंद के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। पिछले महीने से वह बेहतर महसूस कर रहे हैं और मैच खेलने को लेकर खुश और उत्साहित हैं।

शुक्रवार के मुकाबले

  • R1: दक्षिणेश्वर सुरेश vs क्वोन सून-वू 
  • R2: सुमित नागल vs ह्योन चुंग

शनिवार के मुकाबले

  • R3: एन श्रीराम बालाजी/निकी पूनाचा vs उइसुंग पार्क/जिसुंग नाम
  • R4: सुमित नागल vs क्वोन सून-वू
  • R5: दक्षिणेश्वर सुरेश vs ह्योन चुंग

(PTI Inputs)

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