काठमांडू: नेपाल में आई तबाही के बाद टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारतीय रेस्क्यू दल ने भी अपना अभियान तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक भारतीय एक्सपर्ट टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचाव कार्य जारी रखा। भारतीय रेस्क्यू दल ने रासुवा जिले के चिलीमे और लांगटांग दोनों जगहों पर रेस्क्यू के प्रयासों में शुरुआती सफलता हासिल की है।
रेस्कूय टीम को मिली शुरुआती सफलता
चिलीमे में रेस्क्यू टीम ने चुनौतीपूर्ण हालात के बीच टनल तक पहुंच बना ली जिससे आगे के बचाव कार्यों को गति मिलेगी। वहीं लांगटांग में भारतीय दल और नेपाली सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से 185 मीटर की गहराई तक पहुंच हासिल करने में सफलता हासिल की। अधिकारियों के अनुसार, दोनों स्थानों पर राहत एवं बचाव अभियान गुरुवार को भी जारी रहेगा।
भारत के राजदूत ने नेपाल आर्मी बेस का दौरा किया
इस बीच नेपाल में भारत के राजदूत ने नुवाकोट जिले के बिदुर स्थित नेपाली सेना के बेस का दौरा किया, जो रसुवा में चल रहे राहत और बचाव अभियानों का प्रमुख संचालन केंद्र है। उन्होंने भारतीय तकनीकी टीमों से मुलाकात कर चिलीमे और लांगटांग सुरंगों में दिनभर की प्रगति की जानकारी ली।
भारतीय रेस्क्यू दल
राजदूत ने दौरे के दौरान नेपाल के गृह मंत्री तथा ऊर्जा एवं जल संसाधन मंत्री से भी मुलाकात की और बचाव अभियान में भारत-नेपाल के समन्वय पर चर्चा की। दोनों देशों के सहयोग से राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
मरने वालों की संख्या 939 हुई, 4 हजार से ज्यादा लापता
नेपाल में आए सैलाब के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 939 हो गई है जबकि करीब 4,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने ने बताया कि अब तक 10,000 से अधिक लोगों को अब तक बचाया जा चुका है और रेस्क्यू टीम को बारिश, उफनती नदियों, क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने के चलते भी पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के टनल में फंसे मजदूर
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के टूटने के कारण 26 अगस्त को आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया था। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को काफी नुकसान पहुंचा। रेस्क्यू टीम नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स साइट पर 639 श्रमिकों और कर्मचारियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से कई लोगों के टनल में फंसे होने की आशंका है।
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