दिल्ली के इन मंदिरों में बेहद धूम धाम से मनाया जाता है कृष्ण जन्माष्टमी, मथुरा जैसा माहौल देखने के लिए जरूर जाएं

कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार पूरे देश में बेहद उत्साह और भक्ति-भाव के साथ मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का यह पर्व वैसे तो मथुरा और वृंदावन में सबसे ज्यादा खास होता है, लेकिन अगर आप किसी कारणवश वहां नहीं जा पा रहे हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। देश की राजधानी दिल्ली में भी जन्माष्टमी की छटा बिल्कुल मथुरा-वृंदावन जैसी ही होती है। दिल्ली के कई प्रमुख मंदिरों में इस दिन ऐसी भव्य सजावट और रौनक होती है कि आपका मन भक्ति से झूम उठेगा। आइए आपको दिल्ली के उन 6 प्रमुख मंदिरों के बारे में बताते हैं, जहां जन्माष्टमी का त्योहार बेहद धूम धाम के साथ मनाया जाता है। 

1. इस्कॉन मंदिर , ईस्ट ऑफ कैलाश

दिल्ली में जन्माष्टमी की बात हो और इस्कॉन मंदिर का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित यह मंदिर जन्माष्टमी के दिन रोशनी और रंग-बिरंगे फूलों से जगमगा उठता है। यहां रात 12 बजे कृष्ण जन्म के समय होने वाली महाआरती देखने लाखों की भीड़ उमड़ती है। ‘हरे रामा-हरे कृष्णा’ के संकीर्तन के बीच यहां आपको बिल्कुल वृंदावन जैसा माहौल देखने को मिलेगा।

2. श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर, बिड़ला मंदिर, कनॉट प्लेस
दिल्ली के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक बिड़ला मंदिर में जन्माष्टमी बहुत ही पारंपरिक और भव्य तरीके से मनाई जाती है। इस दिन मंदिर परिसर में भगवान कृष्ण के जीवन की लीलाओं को दर्शाने वाली मनमोहक झांकियां सजाई जाती हैं। मंदिर की सजावट और यहां गूंजने वाले भजन-कीर्तन श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। परिवार के साथ जन्माष्टमी मनाने के लिए यह एक बेहतरीन जगह है।

3. छतरपुर मंदिर, महरौली
मां कात्यायनी को समर्पित छतरपुर मंदिर में भी जन्माष्टमी का पर्व बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। इस विशाल मंदिर परिसर को विदेशी फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन यहां विशेष भजन का आयोजन होता है। रात के समय भगवान का पंचामृत से अभिषेक और फिर प्रसाद वितरण का दृश्य बेहद अलौकिक होता है।

4. गुफा वाला मंदिर, प्रीत विहार
पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार इलाके में स्थित ‘गुफा वाला मंदिर’ अपनी खास बनावट के लिए जाना जाता है। जन्माष्टमी के मौके पर यहां की झांकियां पूरी दिल्ली में मशहूर हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं को दर्शाती इन झांकियों को देखने के लिए उत्साहित रहता है। यहां का रंगारंग माहौल त्योहार को और भी खास बना देता है।

5. अक्षरधाम मंदिर, पांडव नगर
दिल्ली के प्रमुख पर्यटन और आस्था के केंद्रों में शुमार अक्षरधाम मंदिर में जन्माष्टमी का नजारा अद्भुत होता है। यहां भगवान श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव बहुत ही शांतिपूर्ण लेकिन भव्य तरीके से मनाया जाता है। मंदिर परिसर में होने वाली विशेष पूजा, महाआरती और आध्यात्मिक प्रवचन मन को शांति देते हैं।

6. इस्कॉन मंदिर, पंजाबी बाग
अगर आप पश्चिमी दिल्ली में रहते हैं, तो पंजाबी बाग का इस्कॉन मंदिर आपके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन है। यहां भी जन्माष्टमी पर विशेष तैयारियां की जाती हैं। छप्पन भोग, फूलों की होली और मटकी फोड़ जैसी प्रतियोगिताएं यहां के मुख्य आकर्षण होते हैं। विदेशी भक्तों की टोली जब कृष्ण भजनों पर झूमती है, तो पूरा माहौल ‘जय श्री कृष्णा’ के जयकारों से गूंज उठता है।

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Author: vatsalyanews

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