मुंद्रा की हजाम स्ट्रीट दबाव में और असामाजिक तत्वों की गिरफ़्त में: क्या प्रशासन की चुप्पी के पीछे ‘डीलिंग’ का शक है?

वात्सल्य न्यूज़

पूजा ठक्कर

मुंद्रा: मुंद्रा शहर के हजाम फारिया और दरबारी स्कूल इलाके की हालत बहुत खराब हो गई है। पिछले ढाई साल से लॉरी मालिकों और गाड़ी चलाने वालों ने रिहायशी इलाके की गलियों में गैर-कानूनी तरीके से अपने कब्ज़े बना लिए हैं, जिससे वहां के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। यहां के रहने वाले अब्दुल मजीद समा की शिकायत में एक बहुत ही गंभीर बात सामने आई है कि दिन में ट्रैफिक और गंदगी ही नहीं, बल्कि रात में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा भी बढ़ गया है। रात के अंधेरे में नशेड़ी यहां शराब पीकर खाली बोतलें और थैले फेंक देते हैं, जिसका सीधा और बुरा असर स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों के दिमाग पर पड़ रहा है।

बार-बार बताने के बाद भी मुंद्रा-बरोई नगर पालिका और पुलिस डिपार्टमेंट की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है, जिससे अब लोगों में यह शक गहरा रहा है कि कहीं दबाव बनाने वालों और सिस्टम के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के बीच कोई ‘फाइनेंशियल मिलीभगत’ या उगाही तो नहीं हो रही? अगर कोई लेने-देने वाला नहीं है, तो सिस्टम लोगों की भलाई के लिए इतना बेबस क्यों है? ऐसा सवाल उठ रहा है।

इलाके के मौजूदा हालात को देखते हुए अब जानकार लोगों और रहने वालों में यह आवाज़ उठ रही है कि अगर सिस्टम फेल साबित होता है, तो इस समस्या के पक्के हल के लिए आखिर में रहने वालों को गली के आखिर में ‘गेट’ बनाना चाहिए। गेट बनाने से रात में आने वाली अनजान गाड़ियों, लॉरियों और असामाजिक तत्वों को रोका जा सकेगा। रहने वालों ने मांग की है कि सिस्टम अपनी शक वाली भूमिका छोड़कर तुरंत सख्त एक्शन ले, नहीं तो रहने वाले अपने फायदे के लिए अपनी मर्ज़ी से सड़क को सुरक्षित करने पर मजबूर होंगे।

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Author: vatsalyanews

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