Highlights
- NIA ने कहा, वैनडाइक मामले में UAPA के तहत आतंकी जांच अभी भी जारी है।
- 180 दिन की अवधि खत्म होने से पहले IFA के तहत चार्जशीट दाखिल की गई।
- अतिरिक्त सबूत मिलने पर NIA UAPA के तहत पूरक चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
नई दिल्ली: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत जांच खत्म नहीं हुई है। NIA की हालिया चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं होने के बाद उठ रहे सवालों के बीच सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि इसे आतंकी आरोपों को पूरी तरह हटाए जाने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सूत्रों ने साफ किया है कि इस मामले में UAPA के तहत जांच अभी जारी है।
NIA ने मंगलवार को दाखिल की थी चार्जशीट
NIA ने मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में वैनडाइक समेत 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। यह मामला मार्च 2026 में दर्ज किया गया था और शुरुआत में इसमें UAPA लगाया गया था। हालांकि, मौजूदा चार्जशीट में UAPA की धाराएं शामिल नहीं की गई हैं। एजेंसी ने इसमें इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट यानी कि IFA की धारा 21 और 23 के तहत आरोप लगाए हैं। NIA के विशेष लोक अभियोजक (SPP) ने कहा कि इस मामले में जांच अभी जारी है और अगर जांच के दौरान UAPA के तहत कोई अपराध बनता है तो एजेंसी आगे चलकर पूरक चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
समय खत्म होने से पहले दाखिल हुई चार्जशीट
सूत्रों के मुताबिक, UAPA के तहत जांच के दौरान आरोपी के न्यायिक हिरासत में रहने की स्थिति में जांच पूरी करने के लिए एजेंसी को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अधिकतम 180 दिन तक का समय मिल सकता है। अगर लागू अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होती, तो आरोपी वैधानिक जमानत की मांग कर सकता है। वैनडाइक के मामले में न्यायिक हिरासत की 180 दिन की अवधि 8 सितंबर को पूरी हो रही थी। सूत्रों के मुताबिक, तब तक IFA के तहत अपराध जांच में पूरी तरह स्थापित हो चुके थे, इसलिए NIA ने उन आरोपों के संबंध में चार्जशीट दाखिल की, ताकि वैधानिक अवधि खत्म न हो जाए। सूत्रों ने साफ किया कि इसे बड़ी जांच के खत्म होने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
मार्च 2026 में अरेस्ट किए गए थे सातों आरोपी
मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था। मामला शुरुआत में UAPA की धारा 18 समेत अन्य धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। आरोप था कि वे म्यांमार में अवैध प्रवेश और जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने से जुड़े थे। सूत्रों ने ANI को बताया कि NIA ने सातों आरोपियों में से किसी के खिलाफ भी आतंकी जांच को बंद नहीं किया है। सभी के खिलाफ UAPA के तहत अपराधों की जांच जारी है।
‘UAPA से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी’
सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा चार्जशीट में IFA के तहत वे अपराध दर्ज किए गए हैं, जो अब तक की जांच में पूरी तरह साबित हो चुके हैं। वहीं, UAPA से जुड़े पहलुओं की जांच अभी चल रही है। चार्जशीट में भी यह दर्ज है कि UAPA के तहत जांच जारी है। कानून के तहत चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी आगे की जांच की जा सकती है और अगर अतिरिक्त सबूतों से कोई अन्य अपराध सामने आता है तो पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। इसलिए मौजूदा चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि UAPA की जांच वापस ले ली गई, छोड़ दी गई या बंद कर दी गई है।
अमेरिकी राजनयिकों के हस्तक्षेप पर क्या बोले सूत्र?
सूत्रों ने यह भी कहा कि अमेरिका के राजनयिकों द्वारा हिरासत में लिए गए अपने नागरिक का मामला उठाना सामान्य राजनयिक प्रक्रिया है। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जब किसी भारतीय नागरिक को विदेश में गिरफ्तार किया जाता है तो भारतीय मिशन स्थानीय विदेश मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों से कांसुलर एक्सेस, कानूनी मदद, उचित व्यवहार और जरूरत पड़ने पर जल्द सुनवाई या सजा में राहत जैसे मुद्दे उठाते हैं। हिरासत में लिए गए नागरिकों को कांसुलर सहायता का अधिकार वियना कन्वेंशन के तहत भी मान्यता प्राप्त है।
अभिषेक मनु सिंघवी ने उठाए थे सवाल
NIA की मौजूदा चार्जशीट से UAPA की धाराएं हटाए जाने पर कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी बुधवार को सवाल उठाए थे। सिंघवी ने कहा था,
‘अगर यह खबर सही है कि अमेरिका-भारत की उच्चस्तरीय बैठकों के बाद अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के खिलाफ आतंकी आरोप हटा दिए गए हैं, तो मोदी सरकार को भारत को इसका जवाब देना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को अवैध प्रवेश, सशस्त्र समूहों से संबंध और ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग जैसे आरोपों में गिरफ्तार किया गया था, तो ये गंभीर आरोप अचानक कैसे गायब हो गए?’
हालांकि, NIA से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत आरोप चार्जशीट में दर्ज किए गए हैं, जबकि UAPA के तहत जांच सातों आरोपियों के खिलाफ अभी जारी है और इसे बंद नहीं किया गया है। (ANI से इनपुट के साथ)
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