शेयर बाजार में लौटी रौनक! 2 दिन की गिरावट थमी, सेंसेक्स 332 अंक चढ़ा और निफ्टी 23,200 के पार

दो दिन की लगातार गिरावट के बाद आखिरकार भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को फिर तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 332 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,200 के स्तर के पार पहुंच गया। FMCG, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। हालांकि IT शेयरों में दबाव बना रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले से पहले निवेशक सतर्क नजर आए।

कारोबार के अंत में सेंसेक्स 332.63 अंक यानी 0.45 फीसदी की बढ़त के साथ 74,336.45 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 99 अंक यानी 0.43 फीसदी चढ़कर 23,217.60 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन शुरुआती कारोबार में कुछ दबाव देखने को मिला। हालांकि बाद में अलग-अलग सेक्टरों में खरीदारी बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स पूरे दिन मजबूती में बने रहे।

FMCG और बैंकिंग शेयरों ने दिया सहारा

आज बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी FMCG और बैंकिंग से जुड़े शेयरों में देखने को मिली। निफ्टी FMCG इंडेक्स 1.82 फीसदी चढ़ा, जबकि निफ्टी PSU बैंक में 1.27 फीसदी और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.73 फीसदी की बढ़त रही। इसके अलावा निफ्टी मेटल 0.68 फीसदी, निफ्टी ऑटो 0.62 फीसदी और निफ्टी मीडिया 0.62 फीसदी मजबूत हुआ। रियल्टी शेयरों में भी खरीदारी ने बाजार की तेजी को सपोर्ट किया।

IT शेयरों में दबाव

जहां ज्यादातर सेक्टरों में तेजी रही, वहीं IT सेक्टर निवेशकों की पसंद नहीं बना। निफ्टी IT इंडेक्स 1.79 फीसदी गिरकर बंद हुआ। फॉर्मा इंडेक्स में भी 0.13 फीसदी की मामूली गिरावट रही। Nifty 50 में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एचडीएफसी लाइफ, आईटीसी और ट्रेंट जैसे शेयर प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे। दूसरी तरफ टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसे IT शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

FOMC फैसले से पहले निवेशक सतर्क

बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति फैसले पर है। निवेशक ब्याज दरों से जुड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। बाजार में फेड के लंबे समय बाद ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को लेकर चर्चा है। ऐसे में वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

कच्चे तेल में नरमी से मिली राहत

तेल की कीमतों में नरमी ने भी भारतीय बाजार को कुछ राहत दी। रिपोर्टिंग के समय ब्रेंट क्रूड करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव बाजार और महंगाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Author: vatsalyanews

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