ट्रंप के टैरिफ U-टर्न से दुनियाभर के बाजारों में धमाका! शेयरों में जबरदस्त तेजी, डॉलर और बॉन्ड पस्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर हाल में लगाए गए भारी-भरकम शुल्कों में से कुछ को अस्थायी रूप से कम करने की घोषणा के बाद गुरुवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली और बॉन्ड…


US Market

Trump tariff carnage drags Nasdaq near bear territory; Dow falls 4.4%

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर हाल में लगाए गए भारी-भरकम शुल्कों में से कुछ को अस्थायी रूप से कम करने की घोषणा के बाद गुरुवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली और बॉन्ड बिक्री में तेजी कम हुई। बाजार में कई दिनों की उथल-पुथल के बाद ट्रंप ने बुधवार को चौंकाने वाले फैसले में नए जवाबी शुल्कों पर 90 दिन की रोक लगाने की घोषणा की। इससे पहले लंबे समय से बाजारों में चली आ रही गिरावट से वैश्विक शेयरों से खरबों डॉलर साफ हो गए और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड तथा डॉलर को बड़ा झटका लगा था।

फोर्विस माजर्स के मुख्य अर्थशास्त्री जॉर्ज लैगरियस ने कहा, ‘यह राहत भरी तेजी है क्योंकि बाजार के दबाव की बात अमेरिकी राष्ट्रपति तक भी पहुंची है।’लैगारियस ने कहा, ‘अहम बात यह है कि कुछ सीमाएं और दायरे हैं जिनका वह (ट्रंप) संभवतः सम्मान करेंगे।’जवाबी शुल्क पर ट्रंप के फैसले से दुनियाभर के इक्विटी बाजारों को राहत मिली है। बुधवार को एसऐंडपी 500 में 9.5 फीसदी की तेजी आई।

गुरुवार को यूरोपीय शेयरों पर भी इसका असर दिखा। पूरे महाद्वीप का स्टॉक्स 600 इंडेक्स 5.3 प्रतिशत ऊपर पहुंच गया जो मार्च 2020 के बाद से इसमें सबसे बड़ी एक दिवसीय तेजी की राह पर था। लंदन, पेरिस और फ्रैंकफर्ट में प्रमुख सूचकांक 4.6 फीसदी और 5.7 फीसदी के बीच बढ़े।

एशिया में, जापान का निक्केई 9 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया जबकि एशिया-प्रशांत शेयरों (जापान को छोड़कर) के प्रदर्शन का पैमाना 4.5 फीसदी मजबूत हुआ। लेकिन वॉल स्ट्रीट वायदा तेजी का स्वाद चखने के बाद थोड़ा कमजोर पड़ गया क्योंकि निवेशकों को अमेरिकी प्रशासन की आर्थिक नीतियों को गले उतारने के लिए जूझना पड़ा।

वेस्टपैक में वित्तीय बाजार रणनीति के प्रमुख मार्टिन व्हेटन ने कहा, ‘राजनीतिक और वित्तीय दुनिया ऐसे प्रशासन को देखकर आश्चर्यचकित नहीं बल्कि भयभीत है, जो कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने को प्राथमिकता देता है, उसी दिन जब बॉन्ड बाजार टूट जाता है और निवेशक प्रशासन की दीर्घावधि विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं,जो अपनी सबसे बड़ी नीति, टैरिफ पर पलट गया है।’

नैस्डैक वायदा में 2 फीसदी और एसऐंडपी 500 वायदा में 1.7 फीसदी की कमजोरी आई। इन दोनों सूचकांकों ने बुधवार के नकद सत्र के दौरान एक दशक से भी ज्यादा समय में प्रतिशत के लिहाज से रोजाना की अपनी सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की।

डॉलर में बड़ी कमजोरी आई। येन के मुकाबले इसमें लगभग 1.5 प्रतिशत और स्विस फ्रैंक के मुकाबले 1.9 फीसदी की गिरावट आई। पिछले सत्र में दोनों सुरक्षित मुद्राओं के मुकाबले यह अपनी तेजी बरकरार रखने में विफल रहा। चीन का सीएसआई300 ब्लू-चिप इंडेक्स भी 1.3 फीसदी जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 2.1 फीसदी तक चढ़ गया।

‘मैग्नीफिसेंट सेवन’ शेयर चढ़े

एआई चिप दिग्गज एनवीडिया, ऐपल, टेस्ला, माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, फेसबुक की पैतृक मेटा और एमेजॉन के शेयरों में भी 9.68 फीसदी से लेकर 22.69 फीसदी के बीच तेजी आई।

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Author: vatsalyanews

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