‘जब अजित डोभाल को लगा कि उनका करियर खत्म होने वाला है’, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने खुद सुनाया दिलचस्प किस्सा

IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने उस घटना का जिक्र किया कि जब उन्हें लगा था कि उनका करियर खत्म होने वाला है। इस दौरान, अजित डोभाल ने सिक्किम को भारत में मिलाए जाने और वहां अपनी तैनाती का किस्सा सुनाया। डोभाल ने बताया कि कैसे मैप में कमियां होने की वजह से कुछ जवान चीन की सीमा में चले गए थे।

जब सिक्किम में इंटेलिजेंस के इंचार्ज थे अजित डोभाल

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल ने  कहा, ‘मैं एक युवा IPS अफसर था और इंटेलिजेंस के काम में नया था। मैं 20-25 साल का था और सिक्किम में इंटेलिजेंस का इंचार्ज था। उस वक्त सिक्किम भारत का भाग नहीं था, बल्कि उसके भारत में शामिल होने की प्रक्रिया चल रही थी। मैं उस प्रोसेस का हिस्सा था। लेकिन मेरी जिम्मेदारी में सीमावर्ती क्षेत्रों की देखरेख, PLA की एक्टिविटीज और चीनी सेना की हरकतों के बारे में जानकारी जुटाना भी शामिल था।’

10 दिन बीतने के बाद भी नहीं वापस आया इंटेलिजेंस मिशन

अजित डोभाल ने आगे कहा कि एक बार, सीमावर्ती क्षेत्र में हमारा एक इंटेलिजेंस मिशन था, और उन्हें करीब 8 दिनों में वापस आ जाना था। पहले 5 दिन बीत गए, फिर 10 दिन बीत गए। मेरे लिए यह बहुत चिंता का विषय था, न सिर्फ पेशेवर के रूप में बल्कि मानवीय नजरिए से भी, कि इतने सारे लोग हमें पता नहीं था कि वे जिंदा हैं या मर चुके हैं और उनके साथ क्या हुआ है।

जब बॉस ने फोन करके डोभाल से मिशन के बारे में पूछा

उन्होंने आगे कहा कि हमें किसी बर्फीले तूफान या किसी अन्य घटना की कोई रिपोर्ट भी नहीं मिली थी। यह बहुत बड़ी चिंता की बात थी। लेकिन मुझे हेडक्वार्टर से फोन आया और मेरे बॉस ने मुझसे पूछा, ‘क्या तुमने कुछ लोगों को उस पार भेजा है?’ मैंने कहा, ‘मुझे नहीं पता। उन्हें आ जाना चाहिए था। उन्हें 5 या 6 दिनों में आ जाना चाहिए था, लेकिन अब 10-11 दिन हो चुके हैं।’

गलती से चीनी सीमा में चले गए थे इंटेलिजेंस मिशन के मेंबर

डोभाल ने बताया कि उनके बॉस ने उनसे कहा कि वे अब चीनी हिरासत में हैं। उन्हें चीनियों ने पकड़ लिया था और उनसे पूछताछ की गई थी। खैर, चीनियों ने उन्हें वापस कर दिया, शायद बातचीत या किसी समझौते के बाद। वे पूरी तरह से टूटे हुए और बुरी हालत में वापस आए।

मुझे लगा था कि यह मेरे करियर का अंत है- डोभाल

अजित डोभाल ने आगे कहा, ‘इसके बाद एक जांच शुरू हुई। मुझे लगा था कि यह मेरे करियर का अंत है। मैं अभी सिर्फ 20-25 साल का था और मुझे एक नया करियर शुरू करना था। मैंने इस घटना को बहुत ही गैर-पेशेवर माना। खैर, जांच पूरी हुई और मुझे दोषी नहीं पाया गया। शायद, मैंने सब कुछ सही किया था। हेडक्वार्टर से हमें जो स्केच और मैप दिए गए थे, उनमें कुछ कमियां और गलतियां थीं। इसी वजह से ऐसा हुआ।’ इससे पहले, हाल में युवाओं को एनएसए अजीत डोभाल ने सलाह दी थी कि स्वतंत्रता का मतलब अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी करना नहीं है

ये भी पढ़ें- पहलगाम हमले के बाद PM मोदी ने क्या मांगा था? NSA अजीत डोभाल का बड़ा खुलासा

vatsalyanews
Author: vatsalyanews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!