मंगलवार (16 दिसंबर) सुबह यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा-नोएडा लेन पर कोहरे की वजह से कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। सात बसों और दो कारों में आग भी लग गई। कई लोग गाड़ियों के अंदर फंस गए और कुछ लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बाहर कूद गए। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा, दो दर्जन से ज़्यादा घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना बलदेव थाना इलाके के खड़ेहरा गांव के पास हुई। कोहरे की वजह से रात में यहां विजिबिलिटी ज़ीरो हो गई थी। जिसकी वजह से आगे-पीछे चल रही गाड़ियां एक-दूसरे को देख नहीं पाईं और गाड़ियां आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज़ थी कि गाड़ियों में आग लग गई। 7 बसें और दो कारें भीषण आग की चपेट में आ गईं और पल भर में पूरा माहौल बदल गया।
कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए बस की खिड़की से बाहर कूद गए। हालांकि, कई लोग अंदर ही फंस गए थे। इस हादसे में लगी आग पर काबू पाने के लिए फायर डिपार्टमेंट तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरी घटना पर काबू पाया। हादसे के बाद नोएडा जाने वाले एक्सप्रेसवे लेन पर ट्रैफिक रुक गया। उसके बाद क्रेन से दूसरी गाड़ियों को हटाकर ट्रैफिक फिर से शुरू किया गया।
पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं, जिन्हें 20 से ज़्यादा एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। हादसे में मरने वाले तीन लोगों की पहचान हो गई है।
दिल्ली-NCR में घने कोहरे की वजह से सड़क-रेल और हवाई यात्रा पर असर पड़ा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक ही दिन में 30 हादसे हुए। गाड़ियों की इस टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। कई गाड़ियों की टक्कर में ड्राइवर और यात्री घायल हो गए। दिल्ली-मुंबई हाईवे पर फरीदाबाद के पास दो गंभीर हादसे हुए। इनमें एक CISF इंस्पेक्टर की भी मौत हो गई। घने कोहरे की वजह से सुबह करीब 4-5 बजे नूंह के पास करीब 30 गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिससे घंटों ट्रैफिक जाम रहा।










