त्योहारों में 2.5 लाख नौकरियां पैदा होने की संभावना, नियुक्तियों में 20% तक की वृद्धि का अनुमान

भारत में जुलाई से दिसंबर 2026 के दौरान 2 से 2.5 लाख मौसमी और गिग नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान नियुक्तियों में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड डिजिटल टैलेंट सॉल्यूशन्स प्रोवाइडर एनएलबी सर्विसेज की एक रिपोर्ट में ये अनुमान लगाया गया है। ई-कॉमर्स जैसे सेक्टरों में काम करने वाले अस्थायी कर्मियों को गिग कहा जाता है।

सबसे ज्यादा डिमांड वाले दौर की तैयारियों में जुटे ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, रिटेल्स सेक्टर

रिपोर्ट के अनुसार, देश में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, रिटेल्स, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, ट्रैवल और कंज्यूमर सर्विस से जुड़े कारोबार साल के सबसे ज्यादा डिमांड वाले दौर के लिए तैयारी कर रहे हैं। एनएलबी सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और एपीएसी चीफ वरुण सचदेवा ने कहा, ”त्योहारों का दौर भारत के वर्कफोर्स के लिए एक तरह की परीक्षा का समय बनता जा रहा है। नियोक्ता पहले से भर्ती शुरू कर रहे हैं और पारंपरिक रोजगार केंद्रों से आगे बढ़कर तकनीक आधारित, मजबूत और तुरंत काम पर लगाए जा सकने वाले कर्मचारियों पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं।”

दीर्घकालिक रोजगार के मौके तैयार करने का जरिया बन रही है त्योहारी सीजन वाली भर्तियां

वरुण सचदेवा ने कहा, ”त्योहारों के दौरान मांग को पूरा करने के लिए होने वाली भर्ती अब सिर्फ अल्पकालिक जरूरत नहीं रह गई है, बल्कि नए प्रतिभा समूहों तक पहुंचने, बड़े स्तर पर उनकी क्षमता परखने और दीर्घकालिक रोजगार के अवसर तैयार करने का जरिया भी बन रही है।” 

12-14 हफ्ते पहले ही वर्कफोर्स बढ़ाने की योजना बनाना शुरू कर देती हैं कंपनियां

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग से करीब 12-14 हफ्ते पहले ही वर्कफोर्स की अपनी जरूरत की योजना बनाना शुरू कर देती हैं। इससे उन्हें पहले से प्रतिभा समूह तैयार करने और कम समय में होने वाली भर्ती का दबाव घटाने में मदद मिलती है। 

भौगोलिक रूप से भी बढ़ रहा है त्योहारों के दौरान भर्ती का दायरा

त्योहारों के दौरान भर्ती का दायरा भौगोलिक रूप से भी बढ़ रहा है। कुल त्योहारी भर्ती मांग में से करीब 45 प्रतिशत हिस्सेदारी दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से रहने की उम्मीद है, जबकि इन बाजारों में भर्ती 25-30 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। 

जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर जैसे शहरों में बढ़ रही रोजगार की मांग

ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, संगठित खुदरा और क्षेत्रीय ऑर्डर पूर्ति नेटवर्क के विस्तार से जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में रोजगार की मांग बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारों के दौरान पहली बार काम करने वाले युवा और महिलाएं महत्वपूर्ण प्रतिभा समूह के रूप में उभर रहे हैं। 

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Author: vatsalyanews

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