कैंसर को लोग आमतौर पर शरीर में गांठ या ट्यूमर के रूप में जानते हैं। लेकिन कुछ कैंसर ऐसे भी हैं जो पेट के अंदर मौजूद अंगों को ढकने वाली पतली परत यानी पेरिटोनियम को प्रभावित करते हैं। इसे पेरिटोनियल कैंसर कहते हैं। कई मामलों में यह कैंसर खुद पेरिटोनियम से शुरू हो सकता है, जबकि कुछ केस में पेरिटोनियल कैंसर जैसी स्थिति किसी दूसरे कैंसर के पेट की अंदरूनी परत तक फैलने के कारण हो सकती है। पेट, आंत, अपेंडिक्स, अंडाशय और कुछ दूसरे कैंसर पेरिटोनियम तक फैल सकते हैं। डॉक्टर अरुण कुमार गोयल (चेयरमैन, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, एंड्रोमेडा कैंसर हॉस्पिटल, सोनीपत) से जानते हैं इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है?
पेरिटोनियम क्या है?
पेरिटोनियम पेट की अंदरूनी दीवार और पेट के ज्यादातर अंगों को ढकने वाली एक पतली झिल्ली है। जब कैंसर कोशिकाएं इस सतह पर फैलकर कई जगह छोटी-बड़ी गांठें बनाने लगती हैं, तो इसे पेरिटोनियल कार्सिनोमैटोसिस कहा जाता है। ये किसी बीमारी के काफी एडवांस स्टेज के लक्षण हो सकते हैं।
शुरुआत में लक्षण क्यों पकड़ में नहीं आते?
पेरिटोनियल कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती ये है कि इसके शुरुआती लक्षण पेट की आम समस्याओं के जैसे लगते हैं। जिसमें पेट फूलना, गैस, अपच या कब्ज जैसी शिकायतें हो सकती हैं। इन लक्षणों को लोग लंबे समय तक नजरअंदाज करते रहते हैं। यही वजह है कि लगातार बने रहने वाले या धीरे-धीरे बढ़ते लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
पेरिटोनियल कैंसर के लक्षण
- लगातार पेट फूलने की समस्या
- पेट में दर्द और भारीपन महसूस होना
- बहुत कम खाने पर ही पेट भर जाना
- भूख की कमी और पेट भारी रहना
- बिना कोशिश किए वजन कम होना
- लगातार थकान और कमजोरी रहना
- मतली या उल्टी आने का मन करना
- कब्ज या दस्त जैसी समस्याएं रहना
- पेट में पानी भरना यानी एसाइटिस
- बीमारी बढ़ने पर आंत में रुकावट
- खाने या गैस पास करने में परेशानी
पेरिटोनियल कैंसर कितनी तेजी से फैल सकता है?
पेरिटोनियल कैंसर कितनी तेजी से फैल सकता है ये कैंसर के टाइप और उसके नेचर पर निर्भर करता है, जिससे वह पैदा हुआ है। कई बार ये बहुत धीरे बढ़ते हैं तो कई बार काफी अधिक आक्रामक भी हो सकते हैं। जब कैंसर पेट की गुहा में फैलता है, तो वह पेरिटोनियम की अलग-अलग सतहों पर जमा होकर आंत, पेट, लिवर की सतह और दूसरे आसपास के अंगों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा लंबे समय में ट्यूमर बढ़ने से पेट में पानी जमा हो सकता है और आंतों पर दबाव पड़ने से बॉवेल ऑब्स्ट्रक्शन जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है।
क्या यह बहुत खतरनाक है?
पेरिटोनियम तक कैंसर का फैलना निश्चित रूप से गंभीर स्थिति है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर मरीज के लिए इलाज खत्म हो चुका है। बीमारी कैसी है, कैंसर कितना फैला है, मरीज की उम्र और सेहत के अलावा ट्यूमर को सर्जरी से कितना हटाया जा सकता है जैसी बातों पर निर्भर करता है।
इन संकेतों पर तुरंत ध्यान दें
अगर लगातार पेट फूलता रहता है, बार-बार पेट में दर्द या भारीपन महसूस होता है, भूख कम हो रही है, बिना कारण वजन कम हो रहा है, पेट में पानी जमा हो रहा है तो इसे सिर्फ गैस या पाचन समस्या मानकर लंबे समय तक टालना ठीक नहीं है। खासकर ऐसे लोगों को जिनका पहले से पेट, आंत, अपेंडिक्स या महिला प्रजनन अंगों से संबंधित कैंसर का इलाज हो चुका है। ऐसे लोगों में पेट के इन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए।
पेरिटोनियल कैंसर का इलाज
पेरिटोनियल कैंसर का इलाज चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन आज कैंसर सर्जरी, कीमोथेरेपी और चयनित मरीजों में CRS-HIPEC जैसी तकनीकों ने उपचार के विकल्पों को पहले की तुलना में काफी बढ़ा दिया है। सबसे जरूरी है बीमारी की सही पहचान, सही स्टेजिंग और अनुभवी डॉक्टर की समय पर दी जाने वाली सलाह।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)









