देश में पैसेंजर कार की थोक बिक्री अगस्त में सालाना आधार पर 36.5 प्रतिशत बढ़कर 4,39,309 यूनिट हो गई। SIAM ने मंगलवार को बिक्री से जुड़े ताजा आंकड़ें जारी किए। अगस्त 2025 में पैसेंजर कारों की थोक बिक्री 3,21,901 यूनिट रही थी। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने बयान में कहा कि अगस्त में कुल टू-व्हीलर्स की बिक्री 10.5 प्रतिशत बढ़कर 20,34,698 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल अगस्त में ये 18,41,954 यूनिट थी। इसके अलावा, इस साल अगस्त में थ्री-व्हीलर्स की थोक बिक्री 22.8 प्रतिशत बढ़कर 93,764 यूनिट हो गई। जबकि अगस्त 2025 में ये 76,324 यूनिट थी।
अगस्त 2026 की अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री
सियाम के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा, ”पैसेंजर कारों, टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स के सेगमेंट में अगस्त 2026 की अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई है। अगस्त 2026 में पैसेंजर कारों की बिक्री 4.39 लाख यूनिट रही, जिसमें 36.5 प्रतिशत की डबल डिजिट की बढ़ोतरी हुई। थ्री-व्हीलर्स की बिक्री 0.94 लाख यूनिट रही, जिसमें 22.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं टू-व्हीलर्स की बिक्री 20.35 लाख यूनिट रही, जो पिछले साल अगस्त 2025 की इसी अवधि की तुलना में 10.5 प्रतिशत ज्यादा है।”
मजबूत ग्रोथ के दौर से गुजर रही है भारत की ऑटो इंडस्ट्री
राजेश मेनन ने कहा, ”भारत की ऑटो इंडस्ट्री मजबूत ग्रोथ के दौर से गुजर रही है।” उन्होंने कहा कि अगस्त में ग्रोथ को पिछले साल के निचले आधार से भी समर्थन मिला है। मेनन ने कहा, ”व्यापक मांग का माहौल मूल रूप से मजबूत बना हुआ है। उपभोक्ताओं का मजबूत भरोसा, ग्रामीण बाजारों में मजबूती, बेहतर फंडिंग और ऑप्शनल ‘ड्राइवट्रेन’ को तेजी से अपनाया जाना ऑटोमोबाइल की अलग-अलग कैटेगरी के लिए शानदार माहौल तैयार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि त्योहारों से जुड़ी मांग से भी अतिरिक्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे दूसरी तिमाही के आंकड़े भी मजबूत रहेंगे।
अगस्त में गाड़ियों की खुदरा बिक्री में दर्ज की गई थी 17.51 प्रतिशत की बढ़ोतरी
बताते चलें कि अगस्त में गाड़ियों की खुदरा बिक्री 17.51 प्रतिशत बढ़कर 24,23,201 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने बताया था कि पिछले साल अगस्त में भारत में गाड़ियों की कुल खुदरा बिक्री 20,62,038 रही थी। भारत में पहली बार पैसेंजर व्हीकल्स (PV) की बिक्री में ऑप्शनल फ्यूल (CNG, Hybrid और Electric) की हिस्सेदारी 41.95 प्रतिशत हो गई, जो पेट्रोल की 40.85 प्रतिशत हिस्सेदारी से ज्यादा है। एक साल से कुछ ज्यादा समय पहले तक पेट्रोल की हिस्सेदारी बाकियों की तुलना में करीब 11 प्रतिशत ज्यादा थी लेकिन अब ये बढ़त खत्म हो गई है।
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