जैव प्रौद्योगिकी और प्राकृतिक खेती के माध्यम से कृषि क्रांति का आह्वान: प्रश्नोत्तरी, पोस्टर और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं
राजकोट: गुजरात सरकार द्वारा स्थापित ‘गुजरात राज्य जैव प्रौद्योगिकी मिशन’ (जीएसबीटीएम) राज्य में जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास के लिए नोडल एजेंसी है। ‘कृषि संस्कार पर्व’ कार्यक्रम का आयोजन गुजरात राज्य जैव प्रौद्योगिकी मिशन (जीएसबीटीएम) और राजकोट के ‘जय विद्यालय’ की संयुक्त पहल के रूप में किया गया था।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को कृषि की ओर मोड़ना, प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक महत्व से अवगत कराना तथा कृषि में नई तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देना था। जिसमें विशेषज्ञों के उद्बोधन में किसानों एवं विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती की विधियों के बारे में गहन मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर विधायक श्री डॉ. दर्शिताबेन शाह ने किसानों को आत्मनिर्भर बनने और खेत में तैयार होने वाले प्राकृतिक, जैविक और जैव उर्वरकों का उपयोग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
कृषि विशेषज्ञ श्री डी. वी. मेहता ने नई पीढ़ी को कृषि से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा, “आजकल नई पीढ़ी कृषि से विमुख हो रही है। कृषि को एक पारंपरिक व्यवसाय मानने के बजाय, इसे गतिविधि के क्षेत्र के रूप में और प्रत्येक खेत को ‘विनिर्माण इकाई’ के रूप में माना जाना चाहिए। इस क्षेत्र में प्रौद्योगिकी-आधारित जनशक्ति की तत्काल आवश्यकता है।”
रासायनिक खेती के खतरों के बारे में बात करते हुए, गिरगंगा ट्रस्ट के अध्यक्ष, श्री दिलीपभाई सखिया ने कहा, “रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अनियंत्रित उपयोग से फसल की पैदावार अस्थिर हो रही है और अब खेती की लागत बढ़ने के कारण यह किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।”
नेतृत्व कर रहे श्री डॉ. वल्लभभाई कथीरिया ने ‘गाय-आधारित कृषि और अर्थव्यवस्था’ पर जोर दिया और उत्कृष्ट उर्वरक बनाकर गो-मूत्र और नीम अर्क जैसे प्राकृतिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग की सिफारिश की।
मिशन निदेशक श्री दिग्विजय सिंह जाडेजा (आईएएस) ने कहा, “जी.एस.बी.टी.एम. की पहल का उद्देश्य राज्य में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बायोटेक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। मिशन के ‘प्राकृतिक कृषि पद्धति – नेटवर्क अनुसंधान कार्यक्रम’ के तहत किए गए शोध ने साबित कर दिया है कि प्राकृतिक खेती एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण है और खेती के लिए बायोमोर्टार और बीजामृत जैसी विधियों का उपयोग अनिवार्य है।”
कार्यक्रम में विद्यार्थियों में कृषि संस्कृति को विकसित करने के लिए क्विज, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर गर्ल्स हॉस्टल (कलावड) के एम.डी. श्री जमनभाई पटेल, जय इंटरनेशनल स्कूल के अध्यक्ष श्री भरतभाई तांती, गार्डी विद्यापीठ के निदेशक श्री जय मेहता और गार्डी कॉलेज लर्निंग विभाग के एचओडी श्री बृजमोहन याग्निक उपस्थित थे, जैसा कि गुजरात राज्य जैव प्रौद्योगिकी मिशन एजेंसी की सूची में बताया गया है।









