322 पंचायत कर्मचारियों का दूसरे जिलों में ट्रांसफर, कच्छ के 22 भी शामिल: शिक्षा जगत में भी इस्तीफों का दौर!

वात्सल्यम् समाचार,

पूजा ठक्कर – मुंडारा कच्छ.

322 पंचायत कर्मचारियों के इंटर-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर में कच्छ से 22: एजुकेशन जगत में भी इस्तीफे का मेला!

मुंडारा, तारीख 5: कच्छ जिले के एडमिनिस्ट्रेटिव और एजुकेशनल स्ट्रक्चर को एक के बाद एक ऐसे झटके लग रहे हैं जैसे उस पर ग्रहण लग गया हो। पंचायत डिपार्टमेंट द्वारा आज घोषित 322 कर्मचारियों के इंटर-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर में कच्छ के 22 कर्मचारियों को ‘वापसी’ का परमिट दिया गया है। राज्य के दूसरे जिलों में एवरेज 10 ट्रांसफर के मुकाबले कच्छ में 22 का ट्रांसफर हमारे ‘पॉलिटिकल विंग’ की पोल खोल रहा है।

एजुकेशन डिपार्टमेंट में ‘इस्तीफा मेला’: 3 लाख दो और कच्छ छोड़ो!

‘स्पेशल कच्छ रिक्रूटमेंट’ के तहत ‘जहां नियुक्त वहीं रिटायरमेंट’ की शर्त पर आए टीचरों की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि एक बड़ा धमाका हो गया है। कच्छ के बच्चों का भविष्य सुधारने आए टीचर 3 महीने की नौकरी के बाद 3 लाख रुपये का बॉन्ड भरकर भाग रहे हैं। अब तक करीब 40 टीचर यह सोचकर इस्तीफा दे चुके हैं कि कच्छ में रहने से अच्छा है 3 लाख रुपये देना। यह स्थिति कच्छ के शिक्षा जगत के लिए बहुत चिंताजनक और शर्मनाक है।

नेताओं के ‘थैंक्स’ पर यकीन करने वाला कच्छ: 22 कर्मचारी गए, मिले सिर्फ 2!

पंचायत डिपार्टमेंट के आज के ऑर्डर के मुताबिक, 10 तलाटी-कम-मंत्री, 8 महिला हेल्थ वर्कर, 2 लैब टेक्नीशियन, 1 ग्राम सेवक और 1 क्लर्क कच्छ छोड़कर चले गए हैं। कच्छ में सिर्फ 2 लैब टेक्नीशियन आए हैं, यानी कुल 20 कर्मचारियों का नुकसान!

इसके लिए कच्छ के सम्मानित MLA और सांसदों का खास धन्यवाद! एक तरफ शिक्षा में टीचर 3-3 लाख रुपये देकर भाग रहे हैं और दूसरी तरफ पंचायत डिपार्टमेंट लाहणी जैसे ट्रांसफर ऑर्डर कर रहा है। क्या हमारे जनप्रतिनिधि सिर्फ़ मूकदर्शक बनकर कच्छ को खाली देखना चाहते हैं?

कच्छ: सरकारी नौकरियों का ‘गेटवे’?

ये आंकड़े साबित करते हैं कि कच्छ ज़िला बाहरी कैंडिडेट्स के लिए सरकारी नौकरियों में आने का सिर्फ़ एक ‘गेटवे’ है। यहाँ नौकरी करो, कुछ समय ट्रेनिंग लो और मौका मिलते ही अपने होमटाउन जॉइन कर लो। जब ‘वहाँ अपॉइंटमेंट, वहाँ रिटायरमेंट’ जैसी सख़्त शर्तें भी टीचर्स को नहीं रोक पा रही हैं, तो कच्छ के हितों की बात करने वाले नेताओं को आत्मचिंतन करने की ज़रूरत है। इस बात पर काफ़ी चर्चा हो रही है कि एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम को पंगु बनाने वाले ये फ़ैसले और नेताओं की खामोश मंज़ूरी कच्छ के भविष्य के साथ एक बड़ा जुआ है।

पंचायत क्लास 3 और 4 का 05/01/2026 को इंटर-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर

 

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Author: vatsalyanews

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