सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया। याचिका में SC और ST आरक्षण में भी क्रीमी लेयर सिस्टम लागू करने की मांग की गई है।
यह याचिका अश्विनी उपाध्याय नाम के एक वकील ने दायर की है। उनकी दलील है कि अगर SC और ST कैटेगरी के परिवार के किसी सदस्य को कोई सरकारी या संवैधानिक पद मिलता है, तो उनके बच्चों को आरक्षण का फायदा नहीं मिलना चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।
अश्विनी उपाध्याय का मानना है कि आरक्षण का मकसद पिछड़े वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचाना था। लेकिन मौजूदा सिस्टम में कुछ ही परिवारों की पीढ़ियों को इसका फायदा मिल रहा है। आरक्षण का फायदा उन परिवारों को नहीं मिल रहा है जो सच में वंचित हैं। सिर्फ वही परिवार बार-बार आरक्षण का फायदा उठा रहे हैं जो पहले से इसका फायदा उठा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।










