वात्सल्यम समाचार.
रिपोर्ट:- रमेश माहेश्वरी – नखत्राणा कच्छ.
नखत्राणा, 12 जनवरी: निरोना कच्छ की धरती पर पावरपट्टी का मुख्य गांव है, जो समुद्र, पहाड़ियों और रेगिस्तान के मेल से भरपूर है। मशहूर कहावत है “अगर आप कच्छ नहीं देखेंगे, तो आप कुछ नहीं देखेंगे” और अब “अगर आप निरोना नहीं देखेंगे, तो आप कुछ नहीं देखेंगे” आज निरोना की ग्लोबल पहचान बन गई है। चूंकि निरोना की पारंपरिक कलाएं देश-विदेश में बहुत मशहूर हैं, इसलिए टूरिस्ट इस गांव को “पंच कला तीर्थ” कहते हैं। इस गांव को रोगन कला के लिए पद्म श्री अवॉर्ड मिल चुका है। निरोना गांव में गुजरात टूरिज्म द्वारा बनाया गया ग्राम हाट ग्राम पंचायत द्वारा मैनेज किया जाता है। ग्राम पंचायत के सरपंच श्री नरोत्तम अहीर ने बताया कि हर साल कच्छ में होने वाले रण उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में टूरिस्ट आते हैं और निरोना गांव भी ज़रूर जाते हैं। चालू सीजन में महज एक महीने में करीब 1500 से 2000 पर्यटक हस्तशिल्प खरीदने और कलाओं की जानकारी लेने निरोना ग्राम हाट आ चुके हैं। निरोना ग्राम हाट की खासियत यह है कि यहां कारीगरों को तांबे की घंटी, लाख कला, कढ़ाई, मिट्टी का काम, बुनाई कला, लाख कला, मूर्ति कला, चमड़ा कला, लकड़ी कला जैसी अनेक पारंपरिक कलाओं के नमूनों के साथ सजीव कला रचते देखा जा सकता है। इन सभी कलाओं में कारीगरों की अथक मेहनत और हुनर साफ झलकता है और खासकर बिना बिजली के पारंपरिक तरीकों से इन कलाओं को तैयार होते देखना पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होता है। गुजरात के अलावा दूसरे राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग निरोना आते हैं। यहां तक कि अपने गृहनगर कच्छ से दूर रहने वाले लोग भी जब अपने गृहनगर आते हैं तो एक बार निरोना ग्राम हाट जरूर आते हैं। इसके अलावा सरकारी अधिकारी, सज्जन, क्रिकेटर और फिल्म उद्योग से जुड़े लोग भी इस ग्राम हाट का दौरा कर चुके हैं। खूबसूरत और शांत माहौल में बने निरोना ग्राम हाट में सभी मॉडर्न सुविधाएं हैं जैसे लाइटिंग की सुविधा, CCTV कैमरे, शांत माहौल और बड़ी पार्किंग, ताकि टूरिस्ट आराम से सभी कलाओं को देख सकें, जान सकें और उनका आनंद ले सकें। पिछले साल भी सीजन में 5000 से ज़्यादा लोग ग्राम हाट आए थे। ज़्यादा जानकारी के लिए सरपंच श्री एन.टी. अहीर से मोबाइल नंबर 98794 66400 पर संपर्क करने को कहा गया है।









