कलोल शहर में मुस्लिम भाइयों ने खीर पूरी बनाकर पारंपरिक खुशी के साथ कुंडा त्योहार मनाया।

तारीख 12/01/2026

साजिद वाघेला कलोल

इस्लाम के चौथे इमाम हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अल्लाह उन पर खुश हो) की याद में देश-विदेश में मनाया जाने वाला खीर पूरी बाकी कुंडा त्योहार कलोल शहर के मुस्लिम भाइयों ने पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया। इस्लाम में चार इमाम हुए, जिनमें हज़रत मुहम्मद साहब के पोते हज़रत इमाम हुसैन, हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन, हज़रत इमाम बाक़र और चौथे हज़रत इमाम सादिक शामिल हैं, जिन्होंने इस्लामी हिजरी साल के रजब महीने की 22 तारीख को इस नश्वर दुनिया को अलविदा कह दिया। इसलिए, यह त्योहार मुस्लिम भाई उनकी याद में इसी तारीख को मनाते हैं। इस त्योहार को कुंडा त्योहार इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन मुस्लिम भाई अपनी क्षमता के अनुसार खीर पूरी बनाते हैं, उसे मिट्टी के बर्तन में रखते हैं, उन्हें याद करते हैं, रिश्तेदारों और आस-पड़ोस के लोगों को अपने घरों में बुलाते हैं और उसे खैरात के तौर पर परोसते हैं। सुबह से ही कलोल शहर के मुस्लिम इलाकों में कुंडा फेस्टिवल को लेकर काफी चहल-पहल रही, जिसमें छोटे बच्चों से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग भी एक-दूसरे के घर जाकर प्रसाद का लाभ उठाते दिखे। फेस्टिवल मनाने के तरीके पर नियाज और नमाज नाम की एक फिल्म भी बनाई गई है, जो इस फेस्टिवल के बारे में और रोशनी डालती है। कलोल शहर में सुबह से शुरू हुआ यह फेस्टिवल शाम तक बिना रुके चलता रहा।

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Author: vatsalyanews

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