उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने से पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के हालात हैं। इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
लंबे इंतज़ार के बाद हिमाचल प्रदेश के मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन मनाली में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई है। मनाली शहर आज सुबह से ही सफेद चादर से ढका हुआ था। शहर में करीब दो इंच बर्फबारी हुई है। हालांकि, नेशनल हाईवे और मेन सड़कों पर फिलहाल ट्रैफिक नॉर्मल है। सिर्फ मनाली ही नहीं, बल्कि शिमला, कुफरी और नारकंडा में भी बर्फबारी की पूरी संभावना है।
कश्मीर घाटी में लगातार भारी बर्फबारी से आम जनजीवन पर असर पड़ा है। श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कम विजिबिलिटी और रनवे पर बर्फ जमा होने की वजह से अब तक 26 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने पैसेंजर्स से एयरपोर्ट पहुंचने से पहले फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की अपील की है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर सिर्फ पहाड़ों तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली-NCR, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और तेज़ हवाएँ चलने की संभावना है। दिल्ली में हवा की स्पीड 30 से 60 km प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। गुजरात में भी हवा की दिशा बदलने पर कोल्ड वेव की इंटेंसिटी बढ़ या घट सकती है।
ऑरेंज अलर्ट: लाहौल स्पीति, चंबा और कुल्लू में भारी बर्फबारी और 50 kmph की हवा की स्पीड देखी जाएगी।
येलो अलर्ट: मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और सोलन में ओले के साथ बारिश की चेतावनी।
आने वाली तारीख: 26 और 27 जनवरी को फिर से भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है।
हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे अटल टनल और सिसु में पहले से ही बर्फबारी हो रही थी, लेकिन अब जब बड़े शहरों में बर्फबारी शुरू हो गई है, तो टूरिज्म इंडस्ट्री में तेज़ी आने की उम्मीद है।









