वात्सल्यम समाचार,
पूजा ठक्कर – मुंडारा कच्छ।
कच्छ जिले में स्वास्थ्य कर्मियों के बेतरतीब तबादलों पर भारी आक्रोश: 16 फरवरी से आंदोलन की योजना
भुज, दिनांक 3: कच्छ जिला पंचायत के स्वामित्व वाले स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादलों और कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को लेकर घमासान मचा हुआ है। जिला स्वास्थ्य कार्मिक संघ की ओर से जिला विकास अधिकारी और जिला पंचायत अध्यक्ष को भेजी गई याचिका में आरोप लगाया गया है कि शैक्षणिक सत्र चालू होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन कर करीब 400 कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है. इन तबादलों में 90 फीसदी यानी करीब 359 कर्मचारियों को प्रशासनिक कारणों से 150 किलोमीटर दूर तक नौकरी से निकाला जा रहा है, जिससे पारिवारिक समीकरण बिगड़ रहे हैं और आक्रोश फैल रहा है।
आरोग्य मंडल के अध्यक्ष देवजीभाई नोरिया और महासचिव नीलेशभाई मकवाना ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मचारी लंबे समय से उच्च वेतनमान, सीपीएफ की मांग कर रहे हैं। खाता खोलने और परिवहन भत्ते जैसे उचित वित्तीय प्रश्न प्रस्तुत करना। प्रशासनिक तंत्र ने इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय बदले की भावना रखते हुए कर्मचारियों को पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक अलग करने जैसी स्थिति पैदा कर दी है। अभी तक मात्र 14 कर्मचारियों को ही सिस्टम में सुधार किया जा सका है जो बहुत कम है। यदि 13 फरवरी तक संघ से वार्ता कर शेष कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो राज्य संघ के सहयोग से 16 फरवरी से जिलाव्यापी आंदोलन एवं धरना कार्यक्रम दिये जायेंगे.
गौरतलब है कि हाल ही में जिला विकास अधिकारी के खिलाफ शिक्षा संगठन भी उतर आया है, अब स्वास्थ्य कर्मियों के आक्रोश ने प्रशासनिक व्यवस्था के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है. संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बातचीत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में उठाए जाने वाले किसी भी आंदोलनात्मक कदम के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार होगा.
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