अहवाना के बरम्यावाड प्राइमरी स्कूल में अभिभावकों का आक्रोश; अगले दिन तालाबंदी और नारेबाजी के साथ विरोध प्रदर्शन..

वात्सल्यम समाचार

मदन वैष्णव

डांग जिले के अहवा तालुका के बरम्यावद गांव में एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की पुनर्नियुक्ति को लेकर भड़का जनाक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है, जिसके कारण अभिभावकों ने लगातार दूसरे दिन स्कूल में ताला लगा दिया और अपना विरोध जारी रखा है. इस पूरे विवाद के मूल में यह बात सामने आई है कि शिक्षक मधुकर रामजीभाई राठौड़ को दोबारा उसी स्कूल में नियुक्त कर दिया गया है. बता दें कि साल 2024 में उन पर हॉस्टल की एक लड़की से रेप और POCSO एक्ट के तहत गंभीर अपराध का आरोप लगा था, जिसमें जेल की सजा काटने के बाद कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था और शिक्षा विभाग ने उन्हें फिर से बरम्यावद स्कूल में सेवा देने का आदेश दिया है. (एसएमसी) कमेटी ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि जब तक इस शिक्षक का तबादला कहीं और नहीं हो जाता, वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे. अभिभावकों व महिलाओं ने विद्यालय के गेट पर एकत्र होकर व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर शैक्षणिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार कर दिया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिक्षक न केवल POCSO मामले में बल्कि पहले भी वित्तीय अनियमितताओं में शामिल था, जैसे शराब के नशे में होना, सांख्यिकी-जुआ रैकेट चलाना और स्कूल अनुदान के लिए खाली चेक पर हस्ताक्षर लेना। माता-पिता को सबसे बड़ा डर अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर होता है, क्योंकि उन्हें लगता है कि ऐसे विवादास्पद चरित्र वाले शिक्षक की उपस्थिति में बच्चों का भविष्य और शारीरिक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। 50 से अधिक अभिभावकों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन जिला शिक्षा पदाधिकारी को देने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. अगर ऐसा नहीं किया गया तो पूरी संभावना है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र हो जायेगा.

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Author: vatsalyanews

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