डांग जिले के उत्तर वनमंडल के लावाचली रेंज के देहर गांव में बच्ची पर हमला करने वाला तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया.

वात्सल्यम समाचार

मदन वैष्णव

उत्तरी डांग वन प्रभाग के अंतर्गत लवचली रेंज के देहर गांव में पिछले कुछ समय से फैल रहे तेंदुए के हमले से आखिरकार निजात मिल गई है। 26 जनवरी 2026 को डेहर गांव के धमदविहिर पलिया में बेहद दुखद घटना घटी, जिसमें 5 साल की मासूम बच्ची पर तेंदुए ने हमला कर दिया. बच्ची को इलाज के लिए वलसाड सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया. घायल बच्ची ने आखिरकार इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और परिवार तबाह हो गया. इस घटना के बाद उत्तर वन विभाग के डी.सी.एफ. मुरालीलाल मीना के मार्गदर्शन में लवचली रेंज के आर. एफओ अर्चनाबेन हिरे की टीम तुरंत कार्रवाई में जुट गई और आवश्यक प्रारंभिक कदम उठाए और तेंदुए को पकड़ने के लिए पहियों को चालू कर दिया। उत्तर डांग वन प्रभाग अहवा के डीसीएफ मुरालीलाल मीना और एसीएफ में परेशभाई गायकवाड़ और राहुल पटेल के निरंतर मार्गदर्शन में, लवचली रेंज वन अधिकारी अर्चनाबेन हिरे और उनकी टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए डेहर गांव के आसपास गई। दिशाओं में कुल 6 पिंजरों की व्यवस्था की गई थी। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अथक प्रयास के बाद आज 03 फरवरी 2026 को प्रातः 6:10 बजे एक मादा तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गयी। यह तेंदुआ महदुभाई मनसुभाई रबडे की सर्वे नंबर-159 की जमीन में लगाए गए पिंजरे में फंस गया था. पशुचिकित्सक की रिपोर्ट के मुताबिक पकड़ी गई मादा तेंदुए की उम्र करीब 4 साल बताई जा रही है. इस सफल ऑपरेशन में वन विभाग को स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला. फिलहाल इस तेंदुए को लवचली रेंज कार्यालय लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी राहत महसूस हुई.

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Author: vatsalyanews

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